'जल्द से जल्द इस पीड़ा से बाहर निकलने की जरूरत'
उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं कि पूरा मणिपुर दर्द में है, पीड़ित है और उसे जल्द से जल्द इस पीड़ा से बाहर निकलने की जरूरत है। मैं सभी से शांति के बारे में सोचने, भाईचारे के बारे में सोचने की अपील करता हूं। हिंसा और नफरत से कोई समाधान नहीं निकलने वाला है। इसलिए अगर हम शांति के बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं, प्यार के बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं, तो यह मणिपुर के लिए एक बहुत बड़ा कदम होगा।'
'कांग्रेस पार्टी और मैं उपलब्ध हैं, जब भी आप चाहें मैं यहां आ सकता हूं'
राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और मैं उपलब्ध हैं, जब भी आप चाहें मैं यहां आ सकता हूं। मुझे यहां आकर खुशी होगी और मैं आपकी बातें सुनकर खुश हूं और विपक्ष के नेता के रूप में आपकी मदद करने की कोशिश करूंगा। भारत सरकार और हर कोई जो खुद को देशभक्त मानता है, उसे आगे आना चाहिए और यहां के लोगों को गले लगाना चाहिए। मणिपुर के लोगों से बात करें और मणिपुर में शांति लाएं।
पीएम मोदी से की यह अपील
राहुल ने कहा कि मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री यहां आएं, मणिपुर के लोगों की बात सुनें और मणिपुर में क्या हो रहा है, इसे समझने की कोशिश करें। आखिरकार, मणिपुर भारतीय संघ का एक गौरवशाली राज्य है। भले ही कोई त्रासदी न हुई हो, प्रधानमंत्री को मणिपुर आना चाहिए था। मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वे 1-2 दिन का समय निकालें और मणिपुर के लोगों की बात सुनें। इससे मणिपुर के लोगों को सुकून मिलेगा।
'मणिपुर भारतीय संघ के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक'
उन्होंने कहा कि कृपया मेरी बात का सम्मान करें। मैं यहां एक स्पष्ट संदेश देने आया हूं, मैं ऐसे सवालों का जवाब देने में दिलचस्पी नहीं रखता जो मुद्दे को भटकाने के लिए बनाए गए हैं। मैंने अपना बयान दे दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर भारतीय संघ के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है।