PM Modi: सुखोई से लेकर S400 मिसाइल और एंटी टैंक गोले की फैक्ट्री तक; पीएम के रूस दौरे से भारत को क्या मिलेगा?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 08 Jul 2024 06:26 PM IST
सार
PM Modi Russia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 9 जुलाई तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरे में भारत और रूस के बीच फाइटर जेट SU-57, एंटी टैंक गोले की फैक्ट्री, मैंगो आर्मर-पियर्सिंग टैंक राउंड की फैक्ट्री और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स पर अहम समझौते हो सकते हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : AMAR UJALA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस के दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंच गए हैं। इस विदेश यात्रा में पीएम 8 जुलाई से 9 जुलाई तक रूस में रहेंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रिया का दौरा करेंगे। मॉस्को दौरे से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के लिए उत्सुक हूं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस दौरा कई मायनों में अहम है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सुखोई से लेकर एंटी टैंक गोले की फैक्ट्री जैसे कई अहम सौदे हो सकते हैं। दुनिया के कई देशों में जारी संघर्ष के बीच पीएम मोदी की इस यात्रा पर दुनिया की भी नजर है। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी का पहला रूस दौरा है।
आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की रूस यात्रा का कार्यक्रम क्या है? इस दौरे के एजेंडे में क्या-क्या है? इस दौरे में कौन से समझौते हो सकते हैं?
पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : AMAR UJALA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस के दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंच गए हैं। इस विदेश यात्रा में पीएम 8 जुलाई से 9 जुलाई तक रूस में रहेंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रिया का दौरा करेंगे। मॉस्को दौरे से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'मैं अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के लिए उत्सुक हूं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रूस दौरा कई मायनों में अहम है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सुखोई से लेकर एंटी टैंक गोले की फैक्ट्री जैसे कई अहम सौदे हो सकते हैं। दुनिया के कई देशों में जारी संघर्ष के बीच पीएम मोदी की इस यात्रा पर दुनिया की भी नजर है। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी का पहला रूस दौरा है।
आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की रूस यात्रा का कार्यक्रम क्या है? इस दौरे के एजेंडे में क्या-क्या है? इस दौरे में कौन से समझौते हो सकते हैं?
पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : AMAR UJALA
पीएम मोदी की रूस यात्रा का कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 9 जुलाई तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के कहा गया था कि पीएम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 8-9 जुलाई को मास्को में होंगे। दोनों नेता दोनों देशों के बीच बहु-आयामी संबंधों की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा और पारस्परिक हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
मॉस्को में पीएम मोदी के कार्यक्रम में पुतिन के साथ एक निजी बैठक, प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता, बंद कमरे के अंदर वार्ता, प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए पुतिन द्वारा आयोजित भोज और वीडीएनकेएच कॉम्प्लेक्स (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों का प्रदर्शनी स्थल), रोसाटॉम पैवेलियन में एक प्रदर्शनी केंद्र का दौरा शामिल है। वह भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
इस दौरे के एजेंडे में क्या-क्या है?
पीएम अपनी रूस यात्रा के दौरान व्लादिमीर पुतिन के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, यूक्रेन-रूस युद्ध, रक्षा, तेल और गैस, द्विपक्षीय संबंध, व्यापार और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों पर बात करेंगे। इससे पहले रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी की यह यात्रा राष्ट्रपति पुतिन के साथ व्यापार पर सीधी बातचीत करने का शानदार अवसर है। उन्होंने कहा, व्यापार असंतुलन जैसे कुछ मुद्दे हैं...इसलिए, जाहिर है कि नेतृत्व स्तर पर यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होगी। क्योंकि उनके निर्देशों के अनुसार ही हम देखेंगे कि रिश्ते को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
22वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह अच्छी परंपरा है। लेकिन ऐसे शिखर सम्मेलनों में कुछ कमी आई है। दोनों नेताओं के बीच रूस पर प्रतिबंधों के चलते भुगतान मुद्दा हल करने, रक्षा हार्डवेयर की आपूर्ति, प्रस्तावित चेन्नई-व्लादिवोस्तोक मैरिटाइम कॉरिडोर में निवेश पर चर्चा के अलावा यूक्रेन में रूस की ओर से लड़ रहे भारतीयों के संवेदनशील मुद्दे पर भी बातचीत संभव है।
मॉस्को पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : ANI
दौरे में कौन-कौन से समझौते हो सकते हैं?
पीएम मोदी का रूस दौरा भारत के रक्षा क्षेत्र के नजरिए से से काफी अहम साबित हो सकता है। रक्षा थिंक टैंक, सेंटर फॉर एनालिसिस ऑफ स्ट्रैटेजीज एंड टेक्नोलॉजीज के निदेशक रुसलान पुखोव के अनुसार, भविष्य के हथियार सौदे भी एजेंडे में हो सकते हैं। रूस भारत को नई वायु रक्षा प्रणाली और Su-30MKI लड़ाकू जेट, साथ ही Ka-226T बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टरों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन की आपूर्ति कर सकता है। भारत रूस से एक दर्जन लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा है।
शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और पुतिन के बीच फाइटर जेट SU-57, एंटी टैंक गोले की फैक्ट्री डील, मैंगो आर्मर-पियर्सिंग टैंक राउंड की फैक्ट्री डील, मिलिट्री लॉजिस्टिक्स समझौता हो सकता है। इस दौरे से पहले ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत और रूस संयुक्त रूप से 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने के लिए समझौता कर सकते हैं।
इससे पहले गुरुवार को रूस की बड़ी सरकारी कंपनी रोस्टेक कॉरपोरेशन ने कहा था कि उसकी हथियार निर्यात इकाई ने रूस निर्मित युद्धक टैंकों के लिए कवच-भेदी राउंडों का भारत में उत्पादन करेगी। रूस की बड़ी सरकारी सैन्य कंपनी रोस्टेक का एलान किया था कि भारत में एंटी टैंक गोले बनाने की फैक्ट्री बनेगी। मैंगो आर्मर-पियर्सिंग टैंक राउंड्स की फैक्ट्री बनेगी।
रोस्टेक ने एक बयान में कहा कि भारत में निर्मित 'मैंगो' गोलों को टी-72 और टी-90 टैंकों की तोपों से दागने के लिए बनाया गया है, जिनका उपयोग भारत की थल सेना करती है।
इस दौरे में एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति को दोबारा शुरू करने के भारत के अनुरोध पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। 30 किमी की ऊंचाई के साथ 400 किमी तक की मारक क्षमता वाले एस-400 के लिए 2018 में समझौता हुआ था। पांच अरब डॉलर की इस डील में भारत ने पांच एस-400 मिसाइल का ऑर्डर दिया है। इनमें से तीन की डिलीवर की जा चुकी है जबकि दो अभी बाकी है। सतह से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल सिस्टम विमान, ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल के हवाई हमलों को रोक सकता है।