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कवायद: कांग्रेस की शुरू हुई 'रिस्ट्रक्चरिंग', राहुल गांधी ने लिया यह बड़ा फैसला

सार

गोवा की जमीन से राहुल ने कहा दगाबाजों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के साथ तैयार किए गए मसौदे में राहुल ने साफ कर दिया कि पार्टी से जाने वाले नेताओं को दोबारा कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।  
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राहुल गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी में बड़े बदलाव के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। यह संकेत गोवा की जमीन से दिए गए हैं, लेकिन लागू पूरे देश भर में होंगे। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि जो लोग बीच राह में कांग्रेस का साथ छोड़ गए। या जनता ने जिन पर भरोसा किया, उनको जिताया, और सत्ता के लिए ऐसे दगाबाज नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़ दिया। अब ऐसे दगाबाज नेताओं को ना तो टिकट दिया जाएगा ना ही पार्टी में कोई जिम्मेदारी दी जाएगी। राहुल ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ इस योजना को न सिर्फ साझा किया बल्कि लागू करने की भी बात कही।
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2017 में गोवा में जिस तरीके से कांग्रेस के विधायकों की संख्या ज्यादा थी और सरकार बनाने के नजदीक थी, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने दल बदल कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और सरकार बना ली थी। अब जब विधानसभा का चुनाव गोवा में नजदीक है तो राहुल गांधी ने उसी जमीन से इस बात का एलान किया है कि ऐसे दल बदलू नेताओं को सिर्फ गोवा ही नहीं बल्कि पूरे देश में पार्टी में कोई जगह नहीं मिलेगी। कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने यह बात सिर्फ गोवा के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के उन नेताओं के लिए कही है जो पार्टी के साथ जुड़े तो रहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर पार्टी को कमजोर करते रहते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है दरअसल यह संदेश उन बचे हुए कुछ जी-23 नेताओं के लिए भी है जो कांग्रेस पार्टी को कमज़ोर करने के लिए लगातार बयानबाज़ी करते रहते हैं।

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले नेताओं को टिकट नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बीते कुछ सालों में कांग्रेस के नेताओं ने सबसे ज्यादा दगाबाजी की और जहां पर सरकार बनने वाली थी वहां पर उनका साथ छोड़ गए। कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की रिस्ट्रक्चरिंग में इस बात को सबसे ज्यादा महत्व दिया है कि ऐसे दगाबाज नेताओं को पार्टी कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ाएगी और उनको कोई जिम्मेदारी भी नहीं देगी। हालांकि,  इससे पहले तय यह भी हुआ कि जो लोग मौके पर पार्टी छोड़ कर गए हैं उनको वापस पार्टी में शामिल किया जाए या ना किया जाए इसके लिए भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ राहुल गांधी ने चर्चा की। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है  पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस नेताओं के उठाए गए कदम से उन नेताओं के लिए जरूर एक निराशा है जो पार्टी में वापस आना चाह रहे थे।
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लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी होगी मजबूत
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी ऐसे कई नेता है जो कांग्रेस के साथ बीते कुछ सालों में दगाबाजी ही करते आए हैं। उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार समिति के चेयरमैन पीएल पुनिया कहते हैं राहुल गांधी पार्टी की रिस्ट्रक्चरिंग के लिए जिस तरीके के भी फैसले ले रहे हैं उससे निश्चित तौर पर पार्टी न मजबूत होगी बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में ताकतवर बनकर उभरेगी। वो कहते हैं कि पार्टी में जो लोग ईमानदारी के साथ शुरुआत से जुड़े रहे हैं निश्चित तौर पर उनको आगे बढ़ने का ना सिर्फ मौका मिलेगा बल्कि नई जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी। पुनिया के मुताबिक उत्तर प्रदेश में टिकट बंटवारे को लेकर के भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इसी तरीके का फैसला लिया है। 

दल-बदल करने वाले नेताओं पर गिरेगी गाज
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जिन पांच राज्यों में अभी चुनाव होने हैं उनमें पार्टी ज्यादातर उन लोगों को टिकट देने की योजना बना रही है जो लंबे वक्त से कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। पार्टी विचार कर रही है कि दल बदल कर आने वाले नेताओं पर बहुत ज्यादा ध्यान ना दिया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है ऐसा करके कांग्रेस न सिर्फ 2022 के चुनावों में बल्कि 2024 और उसके बाद आने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में एक बेहतर रोड मैप और बेहतर मूल्यों के साथ कांग्रेस पार्टी को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
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