पुणे पुलिस ने सोमवार को सारस्वत बैंक के अध्यक्ष गौतम ठाकुर और प्रबंध निदेशक स्मिता संधाने समेत आठ अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया है। कोठरूड पुलिस इंसपेक्टर महेंद्र जागपत के मुताबिक, सारस्वत बैंक चेयरमैन और सात अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश के आधार पर केस दर्ज किया गया है। इंसपेक्टर के मुताबिक, मामले की जांच अभी की जा रही है।
स्मिता समीर पाटिल ने दर्ज कराई शिकायत
बैंक ने एक बयान में कहा, शहर में ऑरेंज मेडिकेयर की निदेशक स्मिता समीर पाटिल द्वारा सोमवार को कोथरुड पुलिस स्टेशन में उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई उनमें सारस्वत बैंक के अध्यक्ष गौतम ठाकुर, मैनेजिंग डायरेक्टर स्मिता सांधाने, चीफ मैनेजर आनंद चाल्के, जोनल मैनेजर्स पल्लवी साली, रत्नाकर प्रभाकर, विश्रांतवाडी ब्रांच मैनेजर अभिषेक भगत भी शामिल हैं।
कब हुई घटना
इस मामले की एक मुख्य वजह फर्जी ट्राजैक्शन है।. यह घटना साल 2018 और 2020 के दौरान हुई।. शिकायतकर्ता स्मिता समीर पाटिल का सारस्वत बैंक की विश्रांतवाडी शाखा में टर्म लोन खाता था। बैंक के इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक फर्जी लोन खाता बनाया और अगस्त 2018 में कंपनी के पास तेरह करोड़ रूपये का प्रस्ताव भेज दिया। बैंक पर आरोप है कि उसने चेक का दुरुपयोग किया। बैंक पर आरोप है कि उसने फर्जी खाता के लिए ढाई करोड़ रूपये की भारी भरकम राशि का भुगतान किया।
1918 में शुरू हुई सारस्वत बैंक
सारस्वत बैंक की शुरुआत साल 1918 में हुई। यह बैंक महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में परिचालन के साथ सबसे बड़ा शहरी सहकारी बैंक होने का दावा करती है। इसका 67,000 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय है और इसकी देश भर में 280 से अधिक शाखाएं हैं।