यहां से आए सुर्खियों में
पुजारी स्वामी यति अचानक तब सुर्खियों में आए थे, जब डासना मंदिर में एक अल्पसंख्यक समाज के बच्चे के पानी पीने पर उसकी पिटाई कर दी गई थी। स्वामी यति ने इस पिटाई का यह कहकर समर्थन किया था कि मुस्लिम समुदाय के बच्चे जानबूझकर मंदिर के अंदर आने का बहाना ढूंढते हैं। वे मंदिर में आकर महिलाओं से अभद्रता करते हैं और चोरी करने की कोशिश करते हैं। उनके इस बयान के बाद स्थानीय माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
इसके बाद दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर स्वामी दोबारा सुर्खियों में आए थे। उनके इस बयान पर भी कठोर प्रतिक्रिया हुई थी। उन्हें गिरफ्तार करने की मांग भी की गई थी, हालांकि अब तक स्वामी यति अपने विवादित बयानों के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
हो चुके हैं जानलेवा हमले!
हालांकि, उनके ऊपर कई बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। स्वामी यति का आरोप है कि उनकी हिंदूवादी छवि के कारण धर्मविशेष के लोग उनसे खासे नाराज हैं और उनकी हत्या कराना चाहते हैं। पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिकी भी दर्ज की थी। उन्हें पुलिस सुरक्षा भी हासिल है। इस सुरक्षा के बाद भी मंदिर परिसर में ही एक अन्य पुजारी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। कहा जाता है कि हमलावर ने स्वामी यति की गलतफहमी में दूसरे साधु पर वार कर दिया जो पटना से एक कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली आए थे।
स्वामी ने किया बचाव
डासना मंदिर के पुजारी स्वामी यति ने आपत्तिजनक बयान वाले वीडियो पर अपना बचाव किया है। पुजारी ने अमर उजाला को बताया कि उनका यह वीडियो काफी पुराना है। इस समय इसे एडिट कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया है, जिससे उन्हें बदनाम किया जा सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि वीडियो में वे महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नेताओं के खिलाफ बोल रहे थे जिनके कारण महिलाएं राजनीति में आगे नहीं बढ़ पाती हैं और उन्हें पुरुष नेताओं के सामने समझौते करने पड़ते हैं।