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Porsche Crash: पुणे पोर्श केस में आरोपी किशोर पर शिकंजा कसा; सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार के आरोप भी जोड़े गए

Thu, 26 Sep 2024 08:22 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पोर्श कार हादसे के आरोपी किशोर को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पर्यवेक्षण गृह से रिहा कर दिया गया था, जबकि उसके माता-पिता और ससून जनरल अस्पताल के दो डॉक्टरों और दो बिचौलियों समेत सात अन्य लोग न्यायिक हिरासत में हैं।
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पुणे पोर्श मामला - फोटो : PTI
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विस्तार
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पुणे पुलिस ने गुरुवार को कल्याणी नगर पोर्श कार हादसे में शामिल 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ सबूत नष्ट करने और जालसाजी के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध के आरोप भी जोड़ दिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष नए आरोपों वाली एक पूरक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
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नशे में पोर्श कार चला रहा था नाबालिग
अंतिम रिपोर्ट, जिसमें आरोपी लड़के पर आईपीसी की धारा 304 के तहत 'गैर इरादतन हत्या' का आरोप लगाया गया था, जून में दायर की गई थी। किशोर कथित तौर पर शराब के नशे में पोर्श कार चला रहा था, जब 19 मई की सुबह शहर के कल्याणी नगर इलाके में एक मोटरसाइकिल को उसने टक्कर मार दी, जिसमें एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, दोनों युवा आईटी पेशेवर थे।

किशोर पर लगाए गए ये सभी आरोप
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया, जेजेबी के समक्ष एक पूरक अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (साक्ष्यों को गायब करना), 213 (अपराधी को बचाने के लिए उपहार लेना), 214 (अपराधी को बचाने के लिए उपहार या संपत्ति की वापसी की पेशकश करना), 466, 467, 468, 471 (जालसाजी से संबंधित सभी अपराध) के तहत आरोप शामिल हैं।
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आरोपी को बचाने के लिए रची गई थी साजिश
अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी लगाया गया है, क्योंकि किशोर पर अपने माता-पिता, सरकारी ससून अस्पताल के डॉक्टरों और कुछ बिचौलियों के साथ मिलकर अपने रक्त के नमूने बदलने का आरोप है। आरोप है कि किशोर के नशे में होने की बात छिपाने के लिए रक्त के नमूने बदले गए। अधिकारी ने बताया कि घटना के समय कार की गति के बारे में तकनीकी डेटा भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है, साथ ही नई जोड़ी गई धाराओं की पुष्टि के लिए गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त गणेश इंगले, जांच अधिकारी, ने विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरय के माध्यम से पूरक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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