मंगलवार को मुंबई में आयोजित अपनी पार्टी की दशहरा रैली में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने झुककर मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने का संकल्प लिया। वहीं, मुख्यमंत्री शिंदे पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मन्नत मांगना और फिर देरी करने की रणनीति अपनाना कोई रास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा, 'सरकार को मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों को बताना चाहिए कि इसका क्या रास्ता है। अगर कोई रास्ता है तो सरकार इस मुद्दे को हल क्यों नहीं कर रही है?' महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री का स्वागत करता हूं, लेकिन उन्हें जरांगे से मिलना चाहिए और मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मुद्दे को हल करना चाहिए।"
पीएम मोदी गुरुवार को महाराष्ट्र के शिरडी के दौरे पर हैं। उन्होंने शिरडी में श्रद्धेय श्री साईंबाबा समाधि मंदिर में पूजा और प्रार्थना की। बाद में उन्होंने अहमदनगर जिले में स्थित निलवंडे बांध का 'जल पूजन' किया और बांध के बाएं किनारे के नहर नेटवर्क का उद्घाटन किया।
मराठा आरक्षण आंदोलन का चेहरा बन चुके मनोज जरांगे ने बुधवार को जालना जिले में अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में भूख हड़ताल शुरू की, क्योंकि समुदाय को आरक्षण प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के समक्ष निर्धारित 40 दिन की समय सीमा 24 अक्तूबर को समाप्त हो गई है। मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए कदम उठाने में राज्य सरकार की 'विफलता' पर निराशा जताते हुए 40 वर्षीय कार्यकर्ता जरांगे ने कहा कि उन्होंने सरकार को पर्याप्त समय दिया और अब और इंतजार नहीं करेंगे।
मराठा आरक्षण का विरोध कर रहे वकील की कारों में तोड़फोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
मराठा आरक्षण के मुखर विरोधी वकील गुणरत्न सदावर्ते की दो कारों में कथित तौर पर तोड़फोड़ करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह साढ़े छह बजे हुई है और लोगों ने वकील की दो लग्जरी कारों की खिड़कियों को तोड़ते हुए मराठा समुदाय के समर्थन में नारे लगाए।
उन्होंने बताया कि सदावर्ते की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 427, 504, 506 और 120 (बी) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 (1) 135 के तहत तोड़फोड़, आपराधिक धमकी और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एक ग्राम प्रधान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मराठा आरक्षण: छत्रपति संभाजीनगर में व्यक्ति ने की आत्महत्या
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर छत्रपति संभाजीनगर में एक व्यक्ति ने गुरुवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मराठवाड़ा में कोटा से संबंधित मौत का यह दूसरा मामला है। एक अधिकारी ने बताया कि गिरीश काकासाहेब कुबेर (28 वर्षीय) ने यहां अपाटगांव स्थित अपने घर में फांसी लगा ली और एक ब्लैकबोर्ड पर संदेश छोड़ दिया कि जब तक मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए।
अधिकारी ने बताया कि उसने दोपहर साढ़े तीन बजे से पौने चार बजे के बीच आत्महत्या कर ली। इससे पहले दिन में कृष्णा कल्याणकर (25 वर्षीय) ने हिंगोली के अखाड़ा बालापुर में आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने बताया कि कल्याणकर ने सुबह अपने खेत में एक पेड़ से फांसी लगा ली। अधिकारी ने बताया कि कल्याणकर सुबह करीब सात बजे अपने खेत पर आया और पुलिस को सुबह साढ़े नौ बजे उसकी आत्महत्या के बारे में सूचित किया गया। उन्होंने कहा, 'हमें उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला। नोट में लिखा था, 'मैं मराठा आरक्षण के कारण आत्महत्या कर रहा हूं।'