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पीएम मोदी ने कहा: भारत बांग्लादेश को आतंकवाद की नहीं प्यार, स्थिरता व शांति की जरूरत

Sun, 28 Mar 2021 02:42 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, ढाका।

सार

  • ओराकांडी के मतुआ मंदिर में की पूजा-अर्चना, मतुआ समुदाय के लोगों से मिले
  • कन्या मिडिल स्कूल को आधुनिक बनाने व एक प्राथमिक स्कूल खोलने का वादा
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पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बांग्लादेश के ओराकांडी में मतुआ समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा, भारत-बांग्लादेश को भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्यार, स्थिरता और शांति की जरूरत है, न कि आतंकवाद और अस्थिरता की। मैं आप सबके लिए 130 करोड़ भारतवासियों का प्यार लेकर आया हूं।  

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मतुआ मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए उन्होंने कहा, मतुआ समुदाय के आध्यात्मिक गुरु हरिचंद ठाकुर की तपोस्थली के दर्शन की उनकी कई वर्षों की इच्छा आज पूरी हुई।

मोदी ने मतुआ समुदाय के लोगों से बातचीत में कहा, भारत ओराकांडी में एक कन्या मिडिल स्कूल को आधुनिक बनाएगा और एक प्राथमिक स्कूल भी खोलेगा।


मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने कहा, मैं कई वर्षों से ओराकांडी आने का इंतजार कर रहा था और जब मैं 2015 में बांग्लादेश आया था तो मैंने ओराकांडी जाने की इच्छा व्यक्त की थी। मैं आज वैसा ही महसूस कर रहा हूं, जो भारत में रहने वाले मतुआ संप्रदाय के मेरे हजारों-लाखों भाई-बहन ओराकांडी आकर महसूस करते हैं। अपनी यात्रा से पहले भी मोदी ने कहा, वह ओराकंडी में मतुआ समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हैं।
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मोदी ने बाद में ट्वीट किया, ओराकांडी ठाकुरबाड़ी आने का अनुभव उन्हें ताउम्र याद रहेगा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, हर वर्ष मतुआ समुदाय बरोनी शानान उत्सव मनाता है जिसमें भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। इस दौरान भारतीयों की यात्रा सुलभ बनाने के लिए भारत सरकार यहां कुछ सुधार कराएगा।

जशोरेश्वरी काली मंदिर में मोदी ने कीमानव जाति के कल्याण की कामना
पीएम मोदी ने दो दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत सत्खिरा स्थित प्राचीन जशोरेश्वरी काली मंदिर में देवी काली की पूजा अर्चना से की। उन्होंने मां काली से समस्त मानव जाति के कल्याण की कामना की।

उन्होंने कहा, आज मानव जाति कोरोना के कारण अनेक संकटों से गुजर रही है, मां से यही प्रार्थना है कि पूरी मानव जाति को कोरोना के इस संकट से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाएं।’ कई शताब्दियों पुराना जशोश्वरी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर परिसर में पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत शंख बजाकर, तिलक लगाकर और अन्य पारंपरिक तरीकों से किया गया।

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इसके बाद उन्होंने ने विधि-विधान से मां काली की पूजा अर्चना की। उन्होंने मां काली को एक मुकुट, साड़ी व अन्य पूजन सामग्रियां भी अर्पित की और अंत में मंदिर की परिक्रमा भी की।

मोदी ने कहा कि मां काली मंदिर में भारत सरकार एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण करायेगी। ताकि जब काली पूजा के समय लोग यहां आएं तो यह उनके उपयोग में आए। आपदा के समय भी यह काम आए।

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मेरा सौभाग्य कि शक्तिपीठ के दर्शन हुए
‘आज मुझे 51 शक्तिपीठों में से एक मां काली के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। मेरी कोशिश रहती है कि मौका मिले तो 51 शक्तिपीठों में कभी ना कभी जाकर अपना मत्था टेेकूं। 2015 में जब बांग्लादेश आया था तो मां ढाकेश्वरी के चरणों में शीश झुकाने का अवसर मिला था। आज मां काली के चरणों में आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
- नरेंद्र मोदी, पीएम

मोदी ने ‘बंगबंधु’ शेख मुजीबुर रहमान की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गोपालगंज जिले के तुंगीपाड़ा स्थित ‘बंगबंधु’ शेख मुजीबुर रहमान के स्मारक का दौरा किया और वहां उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। बंगबंधु स्मारक परिसर पहुंचने पर मोदी का बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्वागत किया। वह शेख मुजीबुर रहमान की बेटी भी हैं।

इस अवसर पर शेख हसीना की बहन शेख रेहाना भी मौजूद थीं। मोदी ने ‘बंगबंधु’ की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ समय मौन रखा। वहीं, इस दौरान हसीना और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों ने फातिहा पढ़ा। प्रधानमंत्री मोदी यहां पहुंचने वाले पहले गणमान्य भारतीय हैं।
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