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केंद्रीय कैबिनेट ने लिए चार बड़े फैसले, 'विश्वास' विधेयक में बदलाव मंजूर, सीबीडीटी आज करेगा समीक्षा

Thu, 13 Feb 2020 03:22 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। 

सार

  • सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों को 2500 करोड़ रुपये
  • कीटनाशक के भ्रामक विज्ञापनों और मिलावटी सामग्री पर लगेगा जुर्माना
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केंद्रीय मंत्रिमंडल (फाइल फोटो) - फोटो : PIB
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक-2020' का दायरा बढ़ाते हुए इसमें बदलाव को मंजूरी दे दी। अब इसके तहत कर्ज वसूली न्यायाधिकरणों (डीआरटी) में लंबित मामलों को भी लाया जा सकेगा। कानूनी विवादों में कमी लाने के लिए विधेयक पिछले दिनों लोकसभा में पेश किया गया था।

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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, इस विधेयक में आयुक्त, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरणों, उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट में लंबित कर विवादों को शामिल करने का प्रस्ताव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग योजना का लाभ उठाते हुए कर विवादों को 31 मार्च 2020 से पहले निपटा लेंगे। इसके बाद आवेदन करने वाले को विवादित राशि के साथ उसका 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क के रूप में चुकाना होगा।

तीन बीमा कंपनियों को मिले 2500 करोड़
सार्वजनिक क्षेत्र की तीन सामान्य बीमा कंपनियों में सरकार 2500 रुपये की पूंजी और डालेगी। इस आशय का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सामान्य बीमा क्षेत्र में काम करने वाली सरकारी कंपनियां ओरिएंटल इंश्योरेंश कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में सरकार फिर से 2500 करोड़ रुपये डालेगी। बीमा क्षेत्र के नियामक के मुताबिक इन कंपनियों में पूंजी अंशधारिता तय मानक से कम है, इसलिए तत्काल प्रभाव से इन कंपनियों में पूंजी डाली जाएगी।
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मेजर पोर्ट अथॉरिटी
मंत्रिमंडल की इसी बैठक के दौरान बड़े बंदरगाहों के लिए प्राधिकरण बनाने का भी फैसला हुआ। केंद्रीय नौवहन मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि इस समय बड़े बंदरगाहों के प्रबंधन के लिए मेजर पोर्ट ट्रस्ट कानून है जिसे 1963 में बनाया गया है। इसके स्थान पर अब मेजर पोर्ट अथारिटी विधेयक लाने का फैसला किया है। इसे संसद के वर्तमान बजट सत्र में ही पेश किया जाएगा। इससे बंदरगाह क्षेत्र की समस्या दूर होगी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बंदरगाह भारत में भी विकसित करने में सहायता मिलेगी।

सीबीडीटी आज करेगा देशभर में समीक्षा 
वित मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के वरिष्ठ अधिकारी बृहस्पतिवार को देशभर के विभिन्न कानूनी मंचों पर लंबित कर मामलों की समीक्षा करेंगे। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि राजस्व सचिव एबी पांडेय और सीबीडीटी चेयरमेन पीसी मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देशभर के क्षेत्रीय आयकर अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे।

इसमें लंबित मामलों का विश्लेषण करने के साथ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली का खाका तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रत्यक्ष कर मामलों में राजस्व वसूली की प्रगति समीक्षा भी बैठक के दौरान की जाएगी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर वसूली के अनुमान को 13.35 लाख करोड़ से घटाकर 11.80 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

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कीटनाशक से फसल खराब हुई तो किसानों को मिलेगा मुआवजा

कीटनाशकों से फसलों की सुरक्षा और किसानों के हित के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को बड़ा फैसला किया। इसके तहत अगर कीटनाशकों की वजह से फसल खराब होती है, तो किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इस पर कानून बनाने के लिए सरकार जल्द संसद में कीटनाशक प्रबंधन विधेयक-2020 लाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इस विधेयक में कीटनाशक के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के उपाय हैं। वर्ष 2008 में कीटनाशक प्रबंधन विधेयक आया था लेकिन वह संसद से पारित नहीं हो सका। सरकार अब उस विधेयक को वापस लेकर और स्थायी समिति की सिफारिशों एवं अन्य सुझावों को शामिल करते हुए कीटनाशक प्रबंधन विधेयक-2020 ला रही है।

इसके तहत किसानों को मुआवजा देने के लिए एक कोष बनाया जाएगा। साथ ही कीटनाशक के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक के लिए गाइडलाइन बनाई जाएगी जिसमें जुर्माने का प्रावधान होगा। अगर कोई मिलावटी और बिना पंजीकरण वाला कीटनाशक बेचता है, तो उस पर भी जुर्माने के साथ आपराधिक मामला चलाया जाएगा।
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