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पीआईएल दायर: घृणा फैलाने वाले भाषण व अफवाहें रोकने के लिए केंद्र को दें दिशा-निर्देश, सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

Fri, 15 Oct 2021 05:29 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

याचिकाकर्ता ने नफरत भरे भाषण व अफवाहें फैलाने से रोकने के लिए विधि आयोग की सिफारिशों को भी लागू करने की भी मांग की है। याचिका भाजपा नेता व वकील अश्वनी उपाध्याय ने निजी हैसियत से दायर की है।
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supreme court, सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर आग्रह किया गया है कि वह केंद्र सरकार को घृणा फैलाने वाले भाषण (hate speech) व अफवाहें फैलाने से रोकने के उपाय करने के दिशा-निर्देश दे।

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याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह भी आग्रह किया गया है कि वह केंद्र को इससे संबंधित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनों का परीक्षण करने और नफरत भरे भाषण व अफवाहों को रोकने के लिए कठोर व प्रभावी उपाय करने का निर्देश दे। इस जनहित याचिका पर शीर्ष कोर्ट दशहरा अवकाश के बाद सुनवाई कर सकती है।
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में विधि आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को भी लागू करने का निर्देश दे। यह याचिका भाजपा नेता व वकील अश्वनी उपाध्याय ने निजी हैसियत से वकील अश्वनी दुबे के मार्फत दायर की है। इसमें गृह मंत्रालय, कानून व न्याय मंत्रालय व विधि आयोग को प्रतिवादी बनाया गया है।
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उपाध्याय ने याचिका में कहा है कि घृणा व नफरत फैलाने से नागरिकों पर गंभीर असर पड़ता हे। इसके जरिए लोगों व समाज को आतंकवाद, नरसंहार, जातीय उन्माद की ओर धकेला जा सकता है। इससे लोगों की जान व सुरक्षा पर संकट पैदा होता है। नफरत भरे भाषणों से सामाजिक प्रगति बाधित होती है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह लोगों के जीवन पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है।

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