कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और अन्य वीआईपी लोगों के लिए गैर-सरकारी उद्देश्यों सहित हवाई यात्रा पर खर्च किए गए 58,23,07,104 रुपये बहुत ही चिंताजनक हैं। इसपर असम सरकार के प्रवक्ता ने पलटवार किया है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की हवाई यात्रा पर असम सरकार द्वारा किए खर्च पर सवाल उठाया था। इसका पलटवार करते हुए असम सरकार के प्रवक्ता पियूष हजारिका ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की हवाई यात्रा का हवाला देते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के पूर्व नेता और राज्य के पूर्व सीएम तरुण गोगोई केवल अपने ज्योतिष से मिलने के लिए 50 किमी हेलीकॉप्टर यात्रा करते थे।
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पियूष हजारिका का कांग्रेस पर पलटवार
पियूष हजारिका ने कहा, 'मुझे स्पष्ट रूप से याद है कि कैसे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई डंगोरिया केवल अपने ज्योतिष से मिलने के लिए गुवाहटी से जागीरोड, नालबाड़ी तक 50 किमी हेलीकॉप्टर यात्रा करते थे। कांग्रेस पार्टी ने उनकी इस यात्रा का कभी भुकतान नहीं किया। मेरी गौरव गोगोई से विनती है कि अगली बार जब वह असम के मुख्यमंत्रियों के हेलीकॉप्टर उपयोग पर बोले तो इस मुद्दे को भी जरूर उठाएं।'
कांग्रेस सांसद ने सीएम सरमा की हवाई यात्रा पर उठाया सवाल
दरअसल, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सीएम सरमा की हवाई यात्रा पर कहा था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और अन्य वीआईपी लोगों के लिए गैर-सरकारी उद्देश्यों सहित हवाई यात्रा पर खर्च किए गए 58,23,07,104 रुपये बहुत ही चिंताजनक हैं। उन्होंने लोकसभा महासचिव को एक पत्र लिखकर कहा, 'असम सरकार द्वारा सरमा और अन्य वीआईपी लोगों की हवाई यात्रा पर 58,23,07,104 रुपये खर्च करने की हालिया रिपोर्ट बहुत ही चिंताजनक है। मैं इस पर निचली सदन में चर्चा करने की अनुमति मांगता हूं।
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गोगोई ने आरोप लगाया कि कुछ चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल असम के बाहर राजनीतिक कार्यक्रमों और शादियों में शामिल होने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि मीडिया की खबरों के अनुसार कुछ चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल असम के बाहर राजनीतिक कार्यक्रमों और शादियों में शामिल होने के लिए किया गया, जो चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि किसी वीआईपी यात्रा पर इस तरह का खर्च अन्य राज्यों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा। यह मामला नैतिक शासन को बनाए रखने और भविष्य में इस तरह के दुरुपयोग को रोकने का है। इसे रोकने के लिए तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।