आज का दिन संसद में हंगामे के नाम रहा। गुरुवार को सुबह 11 बजे जब संसद की कार्रवाई शुरू हुई तभी से विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद में सुरक्षा में चूक को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए लगातार इस मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान और इस्तीफे की मांग की। इस बीच, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बुधवार को संसद में हुए सुरक्षा उल्लंघन के मुद्दे को उठाया है।
खरगे ने लिखा राज्यसभा के सभापति को पत्र
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को लिखे गए पत्र में खरगे ने गृहमंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग की है। उन्होंने लिखा, 'संसद की सुरक्षा का उल्लंघन हाल के दिनों में बहुत गंभीर मामला है। इसकी गंभीरता को देखते हुए संसद में INDIA दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद इस विचार पर पहुंचा हूं कि यह मामला इतना महत्वपूर्ण है कि इसे राज्यसभा के नियमों और प्रक्रिया के नियम 267 के तहत उठाया जाना चाहिए। इसके साथ ही जब तक गृहमंत्री अमित शाह इस मामले में बयान नहीं देते और उसके बाद नियम 267 के तहत चर्चा नहीं होती तब तक इस मामले को किसी अन्य तरीके से सुलझाने के लिए सदन में कोई अन्य कार्य या किसी भी बैठक का कोई मतलब नहीं है।'
विपक्षी नेताओं ने की बैठक
इससे पहले, इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) ब्लाक के नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे के कक्ष में एक बैठक की। इसमें समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, जेडीयू, डीएमके, आरजेडी, एनसीपी, सीपीआईएम,शिवसेना यूटी, द्रमुक, टीएमसी, बीआरएस समेत विपक्षी दलों के नेता थे।
लिए गए ये निर्णय
इस बैठक में तय किया गया कि विपक्षी नेता संसद सुरक्षा के उल्लंघन मामले को प्रमुखता से उठाएंगे। इसके अलावा दोनों सदनों में इस पर सरकार की जवाबदेही तय कराई जाएगी। सांसदों ने कहा इस घटना से सांसदों की सुरक्षा में कितना घालमेल है, इसकी पोल खोल हो गई है। इसलिए गंभीरत को देखते हुए विपक्ष और इंडिया ब्लाक के सदस्यों ने कहा कि वह इस मुद्दे पर गृहमंत्री के बयान से कम पर मानने वाले नहीं है।
कांग्रेस ने की भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वहीं, कांग्रेस महासचिव और पार्टी के प्रभारी जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि संयुक्त विपक्ष चाहता है कि गृहमंत्री दोनों सदनों में आकर बयान दें, कि इस तरह से सुरक्षा में सेध लगाने के मामले में क्या जांच चल रही है। उन्होंने आगे मांग की कि घुसपैठियों को विजिटर पास उपलब्ध कराने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।