राज्यसभा में बोलते मल्लिकार्जुन खरगे
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संसद में विपक्ष अदाणी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। जिसके चलते संसद के दोनों सदनों में काफी हंगामा हो रहा है। हालांकि इस हंगामे के बीच कुछ ऐसे पल भी आए, जब विपक्ष के नेता की बात पर प्रधानमंत्री मोदी समेत सदन के सभी सदस्य खूब हंसे। बता दें कि राज्यसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शिकायती लहजे में कहा कि 'प्रधानमंत्री सदन में कम दिखाई देते हैं। जब संसद चलती है तो वह इधर ज्यादा ध्यान दें तो अच्छा रहेगा'।
खरगे ने कहा कि 'प्रधानमंत्री हमेशा चुनावी मोड में होते हैं। इधर संसद चल रही है और उधर वह मेरे संसदीय क्षेत्र गुलबुर्गा में चले गए'। खरगे ने कहा कि 'अरे भई मेरा एक ही संसदीय क्षेत्र है और आपको वही मिल रहा है। और संसदीय क्षेत्र में एक भी नहीं दो-दो मीटिंग कर रहे हैं'! खरगे के इतना कहते ही सदन में हंसी के ठहाके गूंज उठे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खरगे की बात पर हंस पड़े। इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री की तरफ देखते हुए कहा कि मोदी साहब पहली बार हंस रहे हैं।
राज्यसभा में अदाणी मामले पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे थोड़े शायराना भी हो गए और बोले कि 'नजर नहीं है नजारों की बात करते हैं, जमीं पर चांद सितारों की बात करतें हैं, वो हाथ जोड़कर बस्ती को लूटने वाले, भरी सभा में सुधारों की बात करते हैं! बड़ा हसीन हैं उनकी जबान का जादू, लगा के आग बहारों की बात करते हैं, मिली कमान तो अटकी नजर खजानों पर, नदी सुखाकर किनारों की बात करते हैं! गरीब बनाते हैं आम लोगों को, वही नसीब के मारों की बात करते हैं।'
अपने भाषण के अंत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अदाणी मामले की जांच के लिए जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी (जेपीसी) का गठन कर जांच कराने की मांग की।
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे की इस शायरी पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि 'खड़गे जी की बात सुनकर मेरे अंदर भी शायर जाग गया है'। उन्होंने कहा 'उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा'। स्पीकर ने इशारों में कहा कि बिना सबूतों के आरोप लगाना सही नहीं है।