बीड जिले के सावरगांव में वार्षिक दशहरा रैली में भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने शिरकत की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राज्य में नशीली दवाओं के खतरें और मराठा आरक्षण समेत कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के लोगों ने निराशा का सामना करने की ताकत को खो दिया है। वहीं पंकजा मुंडे ने कहा कि वह अब घर नहीं बैठेंगी बल्कि जल्द ही राजनीतिक युद्ध के मैदान में उतरेंगी।
पंकजा मुंडे बोलीं, लोगों ने मेरे लिए 11 करोड़ रुपये इकट्ठा किए
दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा ने कहा कि राज्य में उनकी 'शिव शक्ति यात्रा' के दौरान उन्हें लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने कहा, जब मेरी चीनी मिल पर छापा पड़ा तो लोगों ने दो दिनों में मेरे लिए 11 करोड़ रुपये इकट्ठा किए। मैं पैसे नहीं लूंगी लेकिन योगदान देने वाले लोगों का आशीर्वाद लूंगी। क्या आज किसान खुश हैं। क्या उन्हें फसल बीमा और सरकारी सहायता मिलती है। बता दें पंकजा मुंडे द्वारा नियंत्रित एक चीनी कारखाने पर इस साल की शुरुआत में कथित कर चोरी के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने छापा मारा था।
अपने संबोधन के दौरान पंकजा मुंडे ने कहा, राज्य आज कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। मराठा आरक्षण का मुद्दा गंभीर है। ओबीसी समुदाय के मन में कई सवाल हैं। समाज को उम्मीदें हैं लेकिन वह अब निराशा का सामना करने की क्षमता खो चुका है। उन्होंने कहा, पहले ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उन्होंने ग्राम पंचायतों के लिए अच्छी सड़कों और कार्यालयों का निर्माण सुनिश्चित किया। यह कभी नहीं सोचा कि गांव की समस्याओं का समाधान करते समय कौन सा समुदाय प्रभावी है। दशहरा रैली के दौरान भाजपा सांसद और पंकजा मुंडे की बहन प्रीतम मुंडे ने भी लोगों को संबोधित किया।