पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक टीवी चैनल में जब खुलकर इस बात का समर्थन किया कि हक्कानी नेटवर्क कोई आतंकी संगठन नहीं बल्कि कबीलाई संगठन है, तो अफगानिस्तान के बहुत से जिलों में प्रदर्शन शुरू हो गए। अफगानिस्तान से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान को लेकर बीते कुछ समय से लगातार अफगानिस्तान के अलग-अलग राज्यों और जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसमें इमरान खान का हक्कानी नेटवर्क के समर्थन में दिया गया बयान आग में घी का काम कर गया। काबुल से लेकर कंधार और हेरात से लेकर बालटिस्तान तक में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
अफगानिस्तान के लोगों को इस बात का अंदाजा है कि पाकिस्तान पूरी तरीके से अफगानिस्तान की सत्ता में अपना दखल दे रहा है। यही वजह है कि यहां के लोग इस बात को पसंद नहीं कर रहे हैं और पाकिस्तान के विरोध में लगातार प्रदर्शन भी हो रहे हैं। आईएसआई चीफ के काबुल दौरे के बाद से जिस तरीके से हक्कानी नेटवर्क के पांच लोगों को तालिबान की सत्ता में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई, वह भी लोगों को नागवार गुजरी। अफगानिस्तान के लोग तो शुरुआत से ही तालिबान के विरोध में है लेकिन पाकिस्तान के ज्यादा दखल से और समस्याएं बढ़ती ही जा रहे हैं। काबुल के वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल हामिद बताते हैं कि यहां के हालात बदतर तो तालिबान की वजह से हैं, लेकिन पाकिस्तान पूरी तरीके से बर्बाद करने पर आमादा है। अब्दुल का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह बयान साबित करता है कि वह आतंकी संगठन हक्कानी के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर न सिर्फ मध्य एशिया बल्कि पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।