राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्ष को एक करने में जुटीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक अहम बैठक बुलाई है। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में शुरू हुई बैठक में 17 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। इसमें कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआईएमएल, आरएसपी, शिवसेना, एनसीपी, राजद, एसपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जद (एस), डीएमके, आरएलडी, आईयूएमएल और झामुमो शामिल हैं। विपक्षी नेताओं ने आगामी राष्ट्रपति चुनावों में एक आम उम्मीदवार को मैदान में उतारने का संकल्प लिया।
वाईएसआर कांग्रेस को नहीं मिला निमंत्रण
वाईएसआर कांग्रेस नेता और सांसद विजयसाई रेड्डी वी ने कहा, हमें कल तक टीएमसी की ओर से विपक्ष की बैठक को लेकर कोई निमंत्रण नहीं मिला है। मुझे नहीं पता कि विपक्ष राष्ट्रपति चुनाव में कोई उम्मीदवार खड़ा करेगा या नहीं। जहां तक उम्मीदवार के समर्थन का मामला है तो यह जगन मोहन रेड्डी द्वारा फैसला किया जाएगा।
राजनाथ सिंह से हुई थी बात- खड़गे
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर राजनाथ सिंह से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव के बारे में प्रधानमंत्री आप की राय जानना चाहते हैं। मैंने पूछा, उनका प्रस्ताव क्या है तो उन्होंने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। खड़गे ने कहा, अगर हम राष्ट्रपति चुनाव के लिए कोई गैरविवादित नाम प्रस्तावित करते हैं तो क्या सरकार उसे स्वीकार करेगी।
ममता का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं पवार
राजधानी के कंस्टीट्यूशन क्लब में आज ममता बनर्जी के आह्वान पर सभी विपक्षी दल जुटेंगे। इससे पहले ममता की शरद पवार के साथ हुई मुलाकात के बारे में बताते हुए माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हमने शरद पवार को संयुक्त उम्मीदवार बनने के लिए मनाया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। ममता के साथ येचुरी, डी राजा और प्रफुल्ल पटेल व पीसी चाको ने भी पवार से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और वाम दल भी बैठक में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला बैठक में हिस्सा लेंगे।
पवार ऐसी लड़ाई में नहीं उतरना चाहते, जहां हार तय
सूत्रों के मुताबिक पवार ऐसे मुकाबले में नहीं उतरना चाहते हैं, जिसमें हार तय है। सत्तारूढ़ एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदाताओं के 50 फीसदी वोट मौजूद हैं। इसके बाद बीजद, अन्नाद्रमुक और वाईएसआर-सीपी जैसे कुछ स्वतंत्र दलों के समर्थन से उसके उम्मीदवार की जीत आसानी से तय है।
गोपालकृष्ण गांधी के नाम की भी चर्चा
शरद पवार के मना करने के बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए एकजुट लड़ाई पेश करने के लिए विपक्ष पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी के संपर्क में है। सूत्रों के मुताबिक विपक्ष के कुछ नेताओं ने इस संबंध में गांधी से फोन पर बात भी की है। 2017 में पूरा विपक्ष उपराष्ट्रपति के लिए गांधी के नाम पर सहमति जता चुका है, लेकिन तब एम वेंकैया नायडू जीतकर उपराष्ट्रपति बने थे।