श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत जूली चुंग ने बताया कि यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएफसी) के निदेशक मंडल ने नए निवेश में ऋण को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस निवेश के तहत डीएफसी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों तक पहुंचेगा और उनकी मदद करेगा।
आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका की अमेरिका ने मदद की है। बुधवार को श्रीलंका में अमेरिकी दूतावास ने इसकी जानकारी दी। कोलंबों में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि कर्ज में डूबे श्रीलंका में छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को विकसित करने और उनकी ममद करने के लिए श्रीलंका को अमेरिका 12 करोड़ डॉलर का नया ऋण देगा।
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डीएफसी ने दी है नए ऋण को मंजूरी
श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत जूली चुंग ने बताया कि यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएफसी) के निदेशक मंडल ने नए निवेश में ऋण को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस निवेश के तहत डीएफसी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों तक पहुंचेगा और उनकी मदद करेगा। अमेरिकी राजदूत जूली चुंग ने आगे कहा कि सत्तर सालों से अमेरिका ने श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को विकसित करने और लोगों का समर्थन करने के लिए कई बार विदेशी सहायता, ऋण दिए हैं।
श्रीलंका में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हुए हैं प्रभावित
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने अमेरिका द्वारा दिए जाने वाले डीएफसी ऋण का स्वागत किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस बात को स्वीकार किया कि विदेशी मुद्रा के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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रानिल विक्रमसिंघे ने अमेरिका की इस मदद के बाद ट्वीट किया कि श्रीलंका में छोटे और मध्यम व्यवसायों को तत्काल चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन द्वारा 120 मिलियन अमरीकी डालर के ऋण के समय पर वितरण की सराहना करते हैं।
श्रीलंका कर रहा है आर्थिक संकट का सामना
1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से श्रीलंका वर्तमान में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आर्थिक संकट के कारण देश में भोजन, दवा, रसोई गैस और अन्य ईंधन, टॉयलेट पेपर और यहां तक कि माचिस जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है। श्रीलंकाई लोगों को ईंधन और रसोई गैस खरीदने के लिए दुकानों के बाहर घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। देश में पंपिंग स्टेशनों पर ईंधन भराने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।श्रीलंका का कुल विदेशी कर्ज 51 अरब डॉलर है।