देश में कोरोना के तीव्र संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद उसके फैलाव को देखते हुए गुरुवार को केंद्र न सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को आगाह किया। केंद्र सरकार ने कहा कि इस वैरिएंट को फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियात बरती जाएं। सारी सावधानियों का पालन करते हुए भीड़ नियंत्रण के उपाय करें और आगामी त्योहारों को देखते हुए रात्रिकालीन कर्फ्यू समेत अन्य उपाय किए जाएं।
राज्यों को जिलों में नए मामलों के समूहों की निगरानी करने की सलाह दी गई है। केंद्र ने राज्यों को आगामी त्योहारी सीजन से पहले स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है। केंद्र ने कहा है कि राज्य बड़े आयोजनों के लिए सख्त नियम लागू कर सकते हैं। कंटेनमेंट को लेकर राज्यों को सलाह दी गई है कि जहां ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, वहां कंटेनमेंट जोन और बफर जोन अधिसूचित करें। केंद्र ने कहा कि राज्य पहले टीके की खुराक का 100 फीसदी टीकाकरण सुनिश्चित करें और फिर दूसरे डोज के पात्र लोगों को तेजी से वैक्सीन लगाए।
चुनावी राज्यों को दिए ये निर्देश
केंद्र ने उन राज्यों, जहां निकट भविष्य में चुनाव होने जा रहे हैं, को निर्देश दिया कि वे कोविड-19 टीकाकरण को तेजी से पूरा करें। जिन जिलों में कम टीकाकरण हुआ है, वहां ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए वंचित तबकों को जल्दी से टीके लगाएं।
केंद्र के दिशा-निर्देश के अहम बिंदु
- हालात बिगड़ता देख नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है
- जमावड़ों पर रोक लगाने के उपाय किए जाए
- त्योहारों के मद्देनजर ज्यादा सतर्कता जरूरी
- कोरोना के मामले बढ़ने पर कंटेनमेंट और बफर जोन तय किए जाएं
- टेस्टिंग और सर्विलांस पर फोकस किया जाए
- आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन हो
- टेस्टिंग पर फोकस और डोर टू डोर मामलों के संपर्क की खोज
- आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए
- अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्य उपकरण बढ़ाने पर फोकस किया जाए
- ऑक्सीजन का बफर स्टॉक बनाया जाए
- 30 दिन की दवाओं का स्टॉक बनाएं
- 100 फीसदी वैक्सीनेशन पर फोकस