Maharashtra: उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर की एक अदालत ने बरी करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में जानबूझकर या चुनाव जीतने के इरादे से अपने खिलाफ लंबित दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं छिपाई थी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर की एक अदालत ने बरी करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में जानबूझकर या चुनाव जीतने के इरादे से अपने खिलाफ लंबित दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं छिपाई थी।
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सिविल जज संग्राम जाधव ने चुनावी हलफनामे में फडणवीस के खिलाफ लंबित दो आपराधिक मामलों का कथित तौर पर खुलासा न करने को लेकर उनके खिलाफ दर्ज शिकायत में आठ सितंबर को उन्हें बरी कर दिया था। अदालत का विस्तृत आदेश सोमवार को आया। अदालत ने कहा कि फडणवीस ने जानबूझकर दो लंबित मामलों के बारे में जानकारी नहीं छिपाई।
अदालत ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून (आरपीए) की धारा 125ए आरोपी पर सख्त जवाबदेही नहीं लगाती है और उसे दोषी ठहराने के इरादे से अपनी मर्यादा साबित करना जरूरी है। यदि किसी उम्मीदवार का स्रोत कुछ जानकारी इकट्ठा करने में विफल रहता है तो उस गलती के लिए उम्मीदवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।