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संसद का शीत सत्र: नकवी बोले- पीएम मजबूर नहीं मजबूत विपक्ष चाहते हैं, पेगासस को फिर उठाना निरर्थक होगा

Sun, 14 Nov 2021 08:10 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले संसदीय सत्रों में व्यवधान को लेकर नकवी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित किया है कि 'लोकतंत्र विकास करता है' और 'वंशवाद उसमें रोड़े डालता है।
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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इस माह के अंत में शुरू हो रहे शीत सत्र में कांग्रेस द्वारा पेगासस जासूसी मामले को फिर से संसद में उठाए जाने के इरादे के बीच केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष को घेरा। नकवी ने कहा कि ऐसे मुद्दों को लेकर सदन बाधित करने का क्या मतलब है जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। 

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राज्यसभा के उपनेता नकवी ने कहा कि सरकार लोकसभा और राज्यसभा में सभी मुद्दों पर चर्चा और बहस के लिए तैयार है। पीटीआई से चर्चा में नकवी ने पिछले संसदीय सत्रों में व्यवधान को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित किया है कि 'लोकतंत्र विकास करता है' और 'वंशवाद उसमें रोड़े डालता है।' नकवी ने यह भी कहा कि विपक्ष को आगामी सत्र को विधानसभा चुनावों से जोड़ने से बचना चाहिए। 
संसद के पिछले सत्र के दौरान विपक्षी एकता के बारे में पूछे जाने पर, नकवी ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए "मजबूर नहीं, बल्कि मजबूत दल होना चाहिए। दुर्भाग्य से ऐसे दलों का प्रभाव कम होता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद के इस शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
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पेगासस मामले को लेकर नकवी ने कहा कि जब पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए एक समिति बना दी है, तो इसे संसद में उठाने का कोई औचित्य नहीं है। नकवी ने कहा कि इन्होंने (कांग्रेस) क्या फैसला किया है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। आसन जो फैसला करेगा या फिर सर्वसम्मति से जो फैसला होगा, उसके साथ सरकार खड़ी होगी। ये जासूसी के जेम्स बॉन्ड के किस्से-कहानियां कब तक चलाएंगे?

हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि संसद के आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। संसद के पिछले मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में कई दिनों तक हंगामा हुआ था। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से आरंभ हो रहा है और 23 दिसंबर तक चलेगा। 

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