पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने कहा, "जो पत्र प्रकाश में आया है उसमें कहा गया है कि हमने चोरी और डकैती के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। तथ्य यह है कि हमने प्राथमिकी में ऐसी कोई धारा नहीं लगाई है।
उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या से ठीक एक हफ्ते पहले 21 जून को महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक 54 वर्षीय केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। Fस मामले में सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम अमरावती कोर्ट पहुंची है। सभी 7 आरोपियों को अमरावती कोर्ट में पेश करने के बाद 4 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी गई। अमरावती पुलिस सभी आरोपियों को आठ जुलाई या उससे पहले एनआईए की मुंबई अदालत में पेश करेगी।
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उधर, मामले को लेकर अमरावती की पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने कहा, ''आरोप सिर्फ एक सूत्र से आ रहे हैं। अमरावती से भाजपा की राज्यसभा सांसद (नवनीत राणा) मुझसे आकर मिलीं। मैंने उन्हें सबकुछ बताया। उन्होंने आरोप नहीं लगाए। इसके विपरीत, आरोप लगाने वाले ने हमसे कोई जानकारी एकत्र नहीं की।"
पुलिस आयुक्त ने आगे कहा, "जो पत्र प्रकाश में आया है उसमें कहा गया है कि हमने चोरी और डकैती के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। तथ्य यह है कि हमने प्राथमिकी में ऐसी कोई धारा नहीं लगाई है। उसमें (पत्र) यह भी कहा गया कि हमने 4 लोगों को गिरफ्तार किया और मामले को दबा दिया। अगर हम ऐसा करना चाहते, तो हम मामले को क्यों सुलझाएंगे?"
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आरती सिंह ने कहा, "अमरावती यह एक अनदेखा और संवेदनशील मामला है। ऐसे मामलों में हम कुछ भी नहीं कह सकते हैं, और सभी सबूत इकट्ठा होने से पहले आधिकारिक बयान जारी नहीं कर सकते हैं।"