बरामद विस्फोटक में 3000 विशेष डेटोनेटर, 37 पैकेट में 925 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, चार बक्सों में 2000 मीटर लंबा फ्यूज और 63 बोरी विस्फोट पदार्थ शामिल हैं। प्रत्येक बोरी में 2.08 किलोग्राम वर्ग द्वितीय श्रेणी के 10 पैकेट शामिल है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मिजोरम विस्फोटक बरामदगी मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। आतंकवाद रोधी एजेंसी ने इस मामले की जांच बृहस्पतिवार को अपने हाथ में ली थी और केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा इस मामले की जांच सौंपने के बाद एजेंसी ने मामला फिर से दर्ज किया है।
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यह मामला ऐसे समय में दर्ज किया गया है जब 26 जुलाई को मिजोरम और असम के बीच सीमा विवाद शुरू हुआ।
इस विस्फोटक मामले में, असम राइफल्स ने 22 जून को दो लोगों को गिरफ्तार किया था और म्यांमार से तस्करी कर लाए गए जखीरे को बरामद किया था। यह जखीरा इतना था जैसे कोई युद्ध लड़ना हो। छह कार्टून में 3000 विशेष डेटोनेटर, 37 पैकेट में 925 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, चार बक्सों में 2000 मीटर लंबा फ्यूज और 63 बोरी विस्फोट पदार्थ शामिल हैं। प्रत्येक बोरी में 2.08 किलोग्राम वर्ग द्वितीय श्रेणी के 10 पैकेट शामिल है।
साथ 1.3 टन वजन के जेडजेड विस्फोटक पाउडर जब्त किया गया। अधिकारियों को शक है कि यह विस्फोटक मिजोरम से म्यांमार ले जाना था जिसका इस्तेमाल म्यांमार सेना के खिलाफ चिन नेशनल आर्मी (सीएनए) द्वारा किया जाना था। 23 सेक्टर असम राइफल्स की सेरछिप बटालियन द्वारा ऑपरेशन किया गया था।