नक्सलियों ने मुगलसराय मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों और प्रतिष्ठानों को 15 अगस्त को उड़ाने की साजिश रची है। इस संबंध में जोनल मुख्यालय हाजीपुर से मिले पत्र के बाद कमांडेंट और मंडलीय अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने के लिए सिविल और पैरामिलिट्री फोर्स की मदद मांगी है।
जोनल सुरक्षा अधिकारियों को सूचना मिली है कि आठ राज्यों झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के नक्सली अपने माओवादी संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट हो गए हैं। बीती 29 जुलाई को उन्होंने छत्तीसगढ़ के सुकमा में बैठक की। उसमें उन्होंने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को मुगलसराय मंडल में बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए साजिश रची है।
वे इस पर अमल करने में जुट गए हैं। इस संबंध में जोनल मुख्यालय से पत्र मिलते ही सुरक्षा तंत्र और रेल प्रशासन सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने झारखंड और बिहार के अंतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों की सुरक्षा के लिए स्थानीय सिविल प्रशासन और पैरा मिलिट्री फोर्स से भी मदद मांगी है।
कमांडेंट रमेश चंद्र ने बताया कि आरपीएफ, जीआरपी के जवान भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। ट्रैकों की विशेष निगरानी की जाएगी। महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगे पायलट इंजन चलाने के लिए रेलवे प्रशासन ने अनुमति दे दी है। चालकों को गति सीमा का पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है।