मुंबई ड्रग्स केस मामले में एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने शनिवार को एक बार फिर से नया आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि समीर दाऊद वानखेड़े ने उगाही के लिए आर्यन खान को किडनैप किया था और फिरौती मांगी थी। उन्होंने एक और नया दावा करते हुए कहा कि इस मामले की जांच केंद्र सरकार की एसआईटी के साथ-साथ अब महाराष्ट्र सरकार की एसआईटी भी करेगी। नवाब मलिक ने कहा कि अब यह देखना होगा कि कौन इसकी सच्चाई को सबसे पहले सामने लाता है और वानखेड़े की नापाक निजी सेना को बेनकाब करता है।
मैंने आर्यन खान से अपहरण और फिरौती की मांग के लिए समीर दाऊद वानखेड़े की जांच के लिए एसआईटी जांच की मांग की थी। अब दो एसआईटी (राज्य और केंद्र) का गठन किया गया है। देखते हैं कौन वानखेड़े की कोठरी से कंकाल निकालता है और उसे और उसकी नापाक निजी सेना को बेनकाब करता है।
वानखेड़े बोले- मुझे जांच से हटाया नहीं गया मैं खुद हटा, मलिक ने किया पलटवार
वहीं, वानखेड़े ने अपनी सफाई में समाचार एजेंसी एएनआई को कहा है कि आर्यन खान केस की जांच से मुझे हटाया नहीं गया है। कोर्ट में मैंने खुद याचिका देकर इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की थी। इसलिए आर्यन और समीर खान केस की जांच अब दिल्ली एनसीबी की एसआईटी करेगी। यह दिल्ली और मुंबई की एनसीबी टीमों के बीच एक समन्वय है। वहीं समीर वानखेड़े के इस दावे को खारिज करते हुए मलिक ने कहा कि वानखेड़े ने अदालत में एक रिट याचिका दायर कर उनसे जबरन वसूली और भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई या एनआईए द्वारा की जानी चाहिए, न कि मुंबई पुलिस द्वारा। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। देश को सच्चाई पता होनी चाहिए।
समीर वानखेड़े को आर्यन खान केस से हटाया गया
बता दें कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को आर्यन खान केस से हटा दिया गया है। मामले में एसआईटी गठित की गई है। अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजय सिंह के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई है, जो आर्यन खान केस के साथ-साथ चार अन्य मामलों की भी जांच करेंगे। इन सभी को पहले वानखेड़े संभाल रहे थे।