केंद्र सरकार ने 18 माह तक बंद रहे 'डीए' की राशि को 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया था। इसे एक जुलाई से जारी किया गया है। इस डीए राशि का एरियर देने बाबत सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम के सचिव (स्टाफ साइड) शिव गोपाल मिश्रा ने इस संबंध में पिछले माह कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि कर्मियों का एरियर नहीं रोका जाना चाहिए, यह उन्हीं की सेलरी का हिस्सा है। उन्होंने कोरोना महामारी के खतरनाक दौर में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया है। सरकार को 18 माह के एरियर की घोषणा बिना किसी देरी के कर देनी चाहिए। मिश्रा ने कैबिनेट सचिव से आग्रह किया है कि अगर सरकार चाहे तो इसे तीन किश्तों में जारी कर सकती है। ये किश्त कब और कितने माह के अंतराल पर दी जाएंगी, इस पर कर्मचारी संगठन, सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
केंद्र सरकार द्वारा एरियर दिया जाता है तो उसका सीधा फायदा मौजूदा 48 लाख कर्मचारियों व 65 लाख पेंशनभोगियों को पहुंचेगा। सरकार ने जब डीए देने की घोषणा की थी तो इस बात का उल्लेख किया था कि एक जनवरी, 2020 से 30 जून, 2021 तक 'डीए' व 'डीआर' की दर 17 फीसदी ही मानी जाएगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था, अब 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलेगा। उस वक्त उन्होंने एरियर को लेकर कोई बात नहीं कही। केंद्रीय मंत्री की घोषणा का अर्थ यह था कि बढ़े हुए डीए की दर एक जुलाई 2021 से 28 फीसदी मान ली जाए। इसके अनुसार जून 2021 और जुलाई 2021 के बीच डीए में एकाएक 11 फीसदी वृद्धि हो गई, जबकि डेढ़ साल की अवधि में डीए की दरों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई। कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी बताते हैं कि इस बाबत जेसीएम की आगामी बैठक में एरियर को लेकर अहम बातचीत होगी। स्टाफ साइड की तरफ से केंद्र सरकार को बता दिया गया है कि उसे कर्मियों के एरियर का भुगतान करना होगा।