संसद का मानसून सत्र तय समय से दो दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। इसके आखिरी दिन यानी बुधवार को राज्यसभा में जो हुआ, उसे लेकर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। भाजपा ने इसके लिए राहुल और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार का व्यवहार आज कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां सड़क पर उतरकर कर रही हैं। जिस प्रकार अराजकता संसद के अंदर विपक्षी पार्टियों और खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने दिखाया है उससे पूरा देश और लोकतंत्र शर्मसार हुआ है।
उन्होंने कहा कि संसद के इतिहास में पहली बार हुआ है कि लॉबी में कांच का गेट तोड़ दिया गया, जिससे एक सुरक्षाकर्मी भी हताहत हुई है। वो भी अस्पताल में है। ये वही विपक्षी हैं, जो कह रहे थे कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए। मगर जब सत्र चल रहा था, कोरोना पर एक दिन भी चर्चा नहीं होने दी।
उन्होंने कहा कि सदन में मर्यादा का उल्लंघन किया गया। उसकी गरिमा को चोट पहुंचाई गई। इसके लिए सिर्फ सभापति वेकैंया नायडू की आखों में आंसू नहीं आए, बल्कि उस दिन लोकतंत्र की आंखें भी नम थीं।
देश को बदनाम करने की साजिश : नकवी
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कुछ और विपक्ष के लोग तो शुरू से ही कह रहे थे कि हम संसद के सत्र को वाशआउट करने के लिए वाशिंग मशीन लेकर आए हैं। आप सिर्फ संसद को ही बदनाम नहीं कर रहे हैं बल्कि पूरे देश को बदनाम करने की षड़यंत्र और साजिशें कर रहे हैं।