क्या कहा था केंद्रीय मंत्री राणे ने
दरअसल नारायण राणे महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। पिछले दिनों उनकी यात्रा रायगढ़ के महाड पहुंची थी। यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए नारायण राणे ने कहा था, 'ये शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को ये नहीं पता कि हमें आजाद हुए कितने साल हो गए। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर अपने सहयोगी से पूछा था। अगर मैं वहां होता तो उन्हें जोरदार थप्पड़ मारता।'
राणे के इसी बयान के बाद महाराष्ट्र के शहरों में शिवसेना और बीजेपी में विवाद हो रहा है। राणे के खिलाफ चार अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। जिसके बाद आज नासिक पुलिस उनकी गिरफ्तारी करने की तैयारी कर रही है।
राणे को हटाने की मांग
वहीं, राणे के बयान का जिक्र करते हुए सांसद विनायक राउत ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, 'मुझे लगता है कि राणे जैसे शख्स, जो यह भूल गए कि वह किस पद का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि उनका इस्तीफा लें और उन्हें अपने मंत्रिमंडल से हटाएं।'
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से नारायण राणे के बेटे नीलेश को मात देने वाले राउत ने प्रधानमंत्री के तत्काल मामले पर गौर करने की उम्मीद भी जताई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी राणे की मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी की निंदा की है। महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है।