मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव पर नोएडा की रेव पार्टी में सांपों का जहर सप्लाई करने का आरोप लगा है। एल्विश का ताल्लुक हरियाणा से है और उस पर उत्तर प्रदेश के नोएडा में वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ है लेकिन एल्विश यादव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। दरअसल, बीते दिनों एल्विश यादव को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के आवास पर एक कार्यक्रम में देखा गया था। अब एल्विश यादव के नशे की तस्करी में फंसने का आरोप लगने के बाद विपक्षी पार्टियां सीएम शिंदे और राज्य सरकार को निशाने पर ले रही हैं।
क्या बोले संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा है कि 'देश का सबसे बड़ा ड्रग माफिया, जो सांप और जहर बेचता है और रेव पार्टियां कराता है। वह (एल्विश यादव) सीएम के घर आता है, वहां उसका स्वागत होता है और वह भगवान गणेश की आरती करता है। क्या ड्रग तस्करी के तार महाराष्ट्र में सरकार से भी जुड़े हैं? क्या सीएम को यह खुफिया जानकारी नहीं थी कि उनके आवास पर कौन आ रहा है? देश यह जानना चाहता है क्योंकि नशे का यह मामला देश से जुड़ा हुआ है।'
राउत के बयान पर फडणवीस क्या बोले?
एल्विश और सीएम एकनाथ शिंदे की कथित मुलाकात मामले में भाजपा शिवसेना के साथ खड़ी दिख रही है। उपमुख्ममंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब भी सीएम आवास पर गणेशोत्सव होता है तो वहां मशहूर हस्तियां आती हैं। वहां समाज के हर वर्ग के लोग आते हैं। शिंदे ने कहा, "मुझे लगता है कि एल्विश (यादव) ने उस समय एक रियलिटी शो जीता था, इसलिए उन्हें वहां लाया गया होगा
सीएम पर आरोप लगाना गलत
बचाव की मुद्रा में सामने आए फडणवीस ने कहा, जिस समय की घटना है, उस समय एल्विश पर कोई आरोप नहीं थे...मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ड्रग्स और सांपों के जहर मामले में घसीटना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा, अगर कोई गलत करेगा तो उसे सजा मिलेगी. लेकिन सीएम पर आरोप लगाना गलत है।
पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज, कठोर कानून के तहत मामला
फडणवीस ने शनिवार को कहा कि नशीली दवाओं से संबंध रखने वाले राज्य पुलिस कर्मियों को न केवल निलंबित किया जाएगा बल्कि सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दवाओं के निर्माण और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति पर कठोर कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
नशामुक्ति के लिए महाराष्ट्र सरकार के प्रयास
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी पुलिस अधिकारी (ड्रग व्यापार में) शामिल पाए जाएंगे, उन्हें न केवल निलंबित किया जाएगा, बल्कि (संविधान के अनुच्छेद) 311 के तहत बर्खास्त भी किया जाएगा। बता दें कि संविधान का अनुच्छेद 311 केंद्र या राज्य के अधीन नागरिक क्षमताओं में कार्यरत व्यक्तियों की बर्खास्तगी, निष्कासन या रैंक में कमी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने महाराष्ट्र को नशा मुक्त बनाने के लिए एक अभियान चलाया है और हर जिले में छापेमारी की जा रही है।
फडणवीस पर विपक्षी दलों के हमले
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर काम हो रहा है और नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल गिरोहों की अंतरराज्यीय गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने सैकड़ों करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। खबरों के मुताबिक बीते दो अक्तूबर को पुणे के एक सरकारी अस्पताल से कथित ड्रग रैकेटियर ललित पाटिल फरार हो गया था। इस मामले में भी फडणवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग को आलोचना का सामना करना पड़ा था। विपक्षी दल- शिवसेना (यूबीटी) ने भी आक्रामक तेवर दिखाए थे। पाटिल को कुछ दिनों बाद बेंगलुरु के पास गिरफ्तार किया गया था।
ड्रग्स मामले से जुड़ा आरोपी फरार, नौ पुलिसकर्मियों पर गिरी थी गाज
बता दें कि पाटिल के भागने के बाद शिंदे सरकार ने नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, पाटिल लगभग एक साल तक जेल में था, अस्पताल में रहने के दौरान उसके पास मोबाइल फोन का उपयोग पाया गया था। इलाज के दौरान भी वह कथित तौर पर ड्रग्स की तस्करी कर रहा था और तीन दिन पहले ही एक नए मामले में भी उसका नाम आया था। फडणवीस ने कहा कि जो लोग आरोप लगाते हैं, उनके खिलाफ भी आरोप लगाए जाते हैं। पिछले महीने, फडणवीस ने दावा किया था कि शिवसेना के दो-फाड़ होने से पहले पाटिल पार्टी के नासिक जिला प्रमुख थे। फडणवीस के अनुसार, जब पाटिल पर आरोप लगे उस समय महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का शासन था।
महाराष्ट्र की किस घटना पर सियासी घमासान
बता दें कि बीती 25 सितंबर को एल्विश यादव गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास पर भगवान की आरती में शामिल हुए थे। अब जब एल्विश यादव को रेव पार्टी और सांपों के जहर के मामले में आरोपी बनाया गया है तो विपक्षी पार्टियां शिवसेना और एनसीपी सरकार को निशाने पर ले रही हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि एल्विश यादव जैसा नशा करने वाला व्यक्ति ना सीएम आवास में मौजूद था बल्कि सीएम ने उसे शॉल और नारियल देकर सम्मानित भी किया था। वहीं शिवसेना यूबीटी की नेता सुषमा अंधारे ने भी सांप के जहर से नशा तैयार करने वाले व्यक्ति के सीएम आवास तक पहुंचने पर सवाल उठाए।