घर वापसी के बाद मुकुल रॉय ने पत्रकारों से चर्चा में कहा- मैं बीजेपी छोड़कर टीएमसी में आया हूं, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा।' दादा ने टीएमसी में वापसी के बाद उनकी विचारधारा को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही।
#WATCH मैं बीजेपी छोड़कर TMC में आया हूं, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा: मुकुल रॉय pic.twitter.com/bdbD5t7kBW
वे (मुकुल रॉय) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, पहले वे जो भूमिका निभाते थे, भविष्य में भी वे वही भूमिका निभाएंगे। TMC एक परिवार है: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, 'मुकुल रॉय को भविष्य में किस पद की ज़िम्मेदारी दी जाएगी' सवाल का जवाब देते हुए pic.twitter.com/1NzIJQ22Gy
राजीव बनर्जी व अन्य की वापसी के सवाल को ममता ने टाला
ममता बनर्जी ने राजीव बनर्जी सहित टीएमसी के अन्य बागियों की घर वापसी के सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस बारे में कुछ कह पाएंगी। ममता ने कहा 'आप लोगों ने देखा कि लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की। मुकुल अच्छा लड़का है, उसे डरा, धमका कर और एजेंसियों से डराकर बीजेपी ले गई थी, लेकिन उसे यहां वापस आकर मानसिक शांति मिलेगी। बीजेपी में बहुत अधिक शोषण है।
सुवेंदु अधिकारी बनाम मुकुल रॉय का अंजाम
माना जा रहा है कि मुकुल के भाजपा से खफा होने की वजह सुवेंदु अधिकारी का बंगाल भाजपा में बढ़ता कद रहा। पहले मुकुल रॉय राज्य में पार्टी के अग्रणी नेताओं में थे, लेकिन हालिया चुनाव से पूर्व सुवेंदु अधिकारी को तवज्जो मिलने लगी थी। इससे मुकुल रॉय खफा थे।
पीएम ने की 10 मिनट बात, पर नहीं माने मुकुल रॉय
बीते कुछ दिनों से मुकुल रॉय ने भाजपा की बैठकों से दूरी बना ली थी। इसी बीच उनकी पत्नी बीमार हो गईं तो ममता बनर्जी के भतीजे व टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी उनसे मिलने गए। इसी बीच मुकुल रॉय की नाराजगी की भनक लगने पर पीएम मोदी ने तीन जून को खुद उनसे फोन पर करीब 10 मिनट तक बात की थी। इसके बाद भी मुकुल रॉय नहीं माने और आखिरकार 'घर' लौट गए।
2017 में छोड़ा था दीदी का साथ
मुकुल रॉय ने 2017 में ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया था। उन्हें भाजपा ने अपना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक बना दिया था। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से ही उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया था।
35 हजार वोट से जीते चुनाव
बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुकुल रॉय को कृष्णनगर उत्तर सीट से प्रत्याशी बनाया था। वह टीएमसी की कौशानी मुखर्जी को 35 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर विजयी हुए। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय भी भाजपा प्रत्याशी बनाए गए थे, लेकिन वह हार गए।