डॉ. एस. जयशंकर, सर्गेई लावरोव (फाइल फोटो)
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रूस की राजधानी मॉस्को में शुक्रवार शाम एक कॉन्सर्ट हॉल में धमाकों के बाद जबरदस्त गोलीबारी हुई थी, जिसमें करीब 150 से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। आतंकी हमले की घटना के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की है। इस दौरान जयशंकर ने मॉस्को में भयानक आतंकवादी हमले में लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया है।
हम इस आतंकी हमले की निंदा करते हैं- पीएम मोदी
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस हमले की निंदा करते हुए इसे जघन्य आतंकवादी हमला करार दिया था। सोशल मीडिया पोस्ट पर पीएम मोदी ने कहा था कि हम मॉस्को में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं।
मॉस्को में आतंकी हमला
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रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया आतंकी हमला
रूस ने गोलीबारी की घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह एक आतंकवादी हमला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घृणित अपराध की निंदा करनी चाहिए। मॉस्को के मेयर ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमले के बाद मॉस्को में होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। रूसी एजेंसियों ने मॉस्को में हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मॉस्को में हुए आतंकी हमले को भयानक बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि इस हमले का यूक्रेन युद्ध से संबंध होने का कोई संकेत नहीं है।
सुरक्षा बलों की वर्दी में कॉन्सर्ट हॉल में घुसे थे बंदूकधारी
सुरक्षा बलों की वर्दी में कम से कम तीन बंदूकधारी कॉन्सर्ट हॉल में घुस आए थे और अंदर मौजूद लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी थी। जिससे 150 से अधिक लोगों की मौत गई और कई लोग घायल हुए थे। रूसी समाचार एजेंसी ने बताया कि हमले के बाद इमारत में विस्फोट और आग लग गई।
हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिका ने जारी की थी एडवाइजरी
रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को में अमेरिकी दूतावास ने कुछ दिनों पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें अमेरिकी नागरिकों से मॉस्को में सामूहिक समारोह से बचने के लिए कहा गया था। इसके बाद रूस में यह हमला हुआ। अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा था कि दूतावास उन रिपोर्ट्स की जांच कर रहा है जिसमें चरमपंथियों के पास मॉस्को में संगीत समारोहों सहित बड़ी सभाओं को निशाना बनाने की योजना है। इसलिए अमेरिकी नागरिकों को अगले 48 घंटों में बड़ी सभाओं से बचने की सलाह दी जाती है। अमेरिका के व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि इन बम धमाकों के पीछे आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट)- खोरासान का हाथ होने की बात सामने आई है।