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गृह मंत्रालय की सख्ती: ऑक्सीजन की आवाजाही बेरोकटोक हो, बाधा पहुंची तो डीएम-एसपी जिम्मेदार

Thu, 22 Apr 2021 04:39 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई राज्यों ने केंद्र से ऑक्सीजन की मांग की थी, इसी को देखते हुए पिछले दिनों  इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा मांग वाले 12 राज्यों की मैपिंग की थी। जिसके बाद गुरुवार को गृह मंत्रालय की ओर से ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया गया है।
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ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है। कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। हालात को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों को ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया है। बता दें कि देशभर में कोरोना महामारी की दूसरी लहर खौफनाक होती जा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी गड़बड़ाने लगी है। कई राज्यों ने केंद्र से ऑक्सीजन की मांग की थी, इसी को देखते हुए पिछले दिनों  इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा मांग वाले 12 राज्यों की मैपिंग की थी। जिसके बाद गुरुवार को गृह मंत्रालय की ओर से ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया गया है।

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आक्सीजन की आपूर्ति रोकने को लेकर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार केआरोपों-प्रत्यारोपों के बीच केंद्र ने सख्त फरमान जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत आदेश जारी किया है कि कोई भी राज्य या स्थानीय प्रशासन दूसरे राज्यों को होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को न तो सीमित कर सकता है और न ही रोक सकता है। अगर इस आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसके जिम्मेदार संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम), उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) निजी तौर पर होंगे।

 केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के हस्ताक्षर वाले दो पेज के इस आदेश में इन चार बिंदुओं पर ज्यादा जोर दिया गया है-

  • ऑक्सीजन सिलिंडर या टैंकर से लदी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य या शहर में आने-जाने में कोई अड़चन नहीं हो।
  • निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सिर्फ अपने ही राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के अस्पतालों तक ही आपूर्ति सीमित करने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
  • ऑक्सीजन लदी गाड़ियों के एक शहर से दूसरे शहर या स्थानीय आवाजाही में समय की भी कोई बंदिश नहीं होगी। 
  • किसी भी अथॉरिटी को अपने जिले से गुजरते वक्त ऑक्सीजन लदे वाहनों को जब्त करने का अधिकार नहीं होगा।

आदेश का उल्लंघन करने पर एक साल तक की जेल

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यह भी कहा गया है कि जो भी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसे एक साल तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों सजा भुगतनी होगी। मंत्रालय के मुताबिक, कोविड के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई में ऑक्सीजन एक अहम हथियार है। इसकी आवाजाही में अड़चन पैदा करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आक्सीजन बनाने वाले राज्यों में इसके निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर रोक नहीं लगाया जाएगा।

उद्योगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर रोक
मंत्रालय ने कहा कि अधिकार प्राप्त समूह-2 ने बृहस्पतिवार से औद्योगिक इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति को प्रतिबंधित रखने की सिफारिश की है, जिससे कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। नौ विशिष्ट उद्योगों को छोड़कर बाकी सभी उद्योगों को ऑक्सीजन आपूर्ति प्रतिबंधित करने की सिफारिश को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। चुनिंदा उद्योग को छोड़कर औद्योगिक आक्सीजन की आपूर्ति रोक दी गई है।
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