पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग की छह सदस्यीय टीम उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में पहुंच गई है। राजनीतिक रूप से अशांत क्षेत्र में बाल दुर्व्यवहार की शिकायतें मिलने के बाद आयोग की एक टीम ने इस इलाके का दौरा किया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संदेशखाली में बदमाशों ने सात महीने की एक बच्ची को उसकी मां की गोद से छीनकर फेंक दिया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है। राज्य बाल अधिकार पैनल की सलाहकार सुदेशना रॉय ने कहा, 'हम यहां जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करने आए हैं। हमारा काम सभी बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना है। हमें यह भी देखना है कि उनके अधिकार सुरक्षित हो।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम उन बच्चों की मां से बात करेंगे, जिन्हें प्रताड़ित किया गया था।' संदेशखाली पहुंचने वाली टीम का नेतृत्व तुलिका दास कर रहीं है। उन्होंने कहा, 'कल हमें पता चला कि कोई अज्ञात व्यक्ति एक घर में घुस आया है और उसने मां की गोद से छोटी बच्ची को उठाकर फेंक दिया। हम बच्ची की मां से मिले। उन्हें खाना, दवाईयां और सुरक्षा की जरूरत थी, हमने उन्हें सब प्रदान किया है।'
संदेशखाली में हिंसा तब शुरू हुई जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी की थी। इस छापमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी संदेशखाली का दौरा कर चुके हैं।
क्या है विवाद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित गांव संदेशखाली इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। दरअसल गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।