मेघालय सरकार द्वारा अवैध रूप से बसे लोगों को स्थानांतरित करने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। हरिजन पंचायत कमेटी (एचपीसी) जो शिलांग में बसे सिख समुदाय का नेतृत्त्व करती है, उसने कहा है कि फैसले को लागू करने से रोकने के लिए वे सरकार से अंतिम दम तक लड़ेंगे।
सरकार के स्थानांतरित करने के फैसले का जमकर विरोध हुआ शूरू
राज्य सरकार ने अवैध रूप से बसे लोगों को स्थानांतरित करने का फैसला उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर किया था। मावलांग क्षेत्र में वर्षों से रहने वाले दलित सिख परिवारों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। एचपीसी के सचिव गुरजीत सिंह ने शनिवार को कहा है कि वे उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हैं।
लोगों के अधिकारों के लिए वे नाखून और दांत तक से लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि 2.5 एकड़ की जमीन मेघालय के पारंपरिक बाजार के पास है जहां उन्होंने दुकानें और अन्य व्यापारिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। हम अपनी जान दे देंगे लेकिन सरकार को गैरकानूनी काम नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि ये जमीन पंजाबियों को हिमा माइलेम ने तोहफे में दी थी। इस जमीन पर किसी और अधिकार नहीं है।