एचएएनएम के अध्यक्ष लैम्फ्रांग खरबानी ने कहा कि संगठन की एक टीम ने गुरुवार को डीजीपी से मुलाकात कर सीमा के कुछ हिस्सों से राज्य में बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की।
सामाजिक संगठन हिनीवट्रेप अचिक नेशनल मूवमेंट (एचएएनएम) ने मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग को बताया कि राज्य में दलाल सीमा से बांग्लादेशी अप्रवासियों को अवैध रूप से प्रवेश कराने के लिए 10 हजार से 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति लेत रहे हैं।
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मेघालय में अंतर्राष्ट्रीय सीमा का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा खड़ी ढलान, नदियों की मौजूदगी और जंगली जानवरों के प्रवास के लिए छोड़े गए गलियारों के कारण बिना बाड़ के रह गया है। बांग्लादेश में हिंसा भड़कने के साथ ही मेघालय में आईएलपी समर्थक कार्यकर्ताओं ने अपना अभियान तेज कर दिया है और बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ रोकने के लिए राज्य भर में अपने सदस्यों को सतर्क कर दिया है।
सामाजिक संगठन हिनीवट्रेप अचिक नेशनल मूवमेंट (एचएएनएम) के अध्यक्ष लैम्फ्रांग खरबानी ने मेघालय के डीजीपी आई नोंगरांग से मुलाकात की। उन्होंने इसमें दावा किया कि राज्य में दलाल सीमा के क्षतिग्रस्त या बिना बाड़ वाले हिस्सों से बांग्लादेशी अप्रवासियों के अवैध प्रवेश को सुगम बनाने के लिए प्रति व्यक्ति 10,000 से 20,000 रुपये ऐंठ रहे हैं।
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वहीं दूसरी ओर गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश को लेकर सभी गंभीर रूप से चिंतित हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि ऐसी अवैध गतिविधियां तुरंत बंद हो जाएं।" उन्होंने कहा कि समन्वय और कार्रवाई के लिए मामले को बीएसएफ के समक्ष भी उठाया गया है।