विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के लिए दिल्ली के दौरे पर आई तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी से ज्यादातर विपक्षी नेता दूरी ही बनाए रहे। पिछले चार दिनों में उनकी कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल व डीएमके की कनिमोझी के अलावा किसी भी प्रमुख विपक्षी नेता से मुलाकात नहीं हो पाई।
ममता के दौरे के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कनिमोझी, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी, कमलनाथ, आनंद शर्मा और सिने अभिनेत्री शबाना आजमी और उनके गीतकार पति जावेद अख्तर ने मुलाकात की। ममता के इस दौरे का उद्देश्य उन पार्टियों को एक मंच पर लाने का था जो अपने-अपने राज्य में कांग्रेस से सीधी टक्कर लेते हैं और ऐसे में कांग्रेस के साथ एक मंच पर नहीं आ सकते।
वहीं दूसरी ओर, बुधवार को संसद में रणनीति तय करने के लिए राहुल गांधी द्वारा बुलाई संयुक्त विपक्ष की बैठक से भी तृणमूल कांग्रेस बाहर रही। तृणमूल सूत्रों का कहना था कि संयुक्त विपक्ष की बैठक की अध्यक्षता कर राहुल अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते थे। तृणमूल सांसदों को बैठक में मौजूद लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी पर भी आपत्ति थी क्योंकि चौधरी हमेशा ही ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना और कड़ा विरोध करते रहे हैं।