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Maharashtra: BJP-मनसे के गठबंधन की अटकलें, आशीष शेलार और राज ठाकरे की मुलाकात; कहा- सही समय पर तस्वीर साफ होगी

Mon, 19 Feb 2024 10:56 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र की सियासत में एक और बड़ा फेरबदल होने के आसार हैं। खबरों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। आशीष शेलार और राज ठाकरे की मुलाकात के बाद कयासबाजी शुरू हो गई है।
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राज ठाकरे, आशीष शेलार (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार और मनसे चीफ राज ठाकरे की मुलाकात को महाराष्ट्र की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा के मुताबिक पूरी तस्वीर सही समय आने पर साफ होगी। शेलार ने कहा कि पुराने दोस्तों के मिलने का सिलसिला चलता रहता है। सोमवार को हुई दोनों नेताओं की बैठक के बाद संभावित चुनावी गठबंधन की अटकलों को बल मिला। शेलार ने दादर में अपने आवास पर ठाकरे से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'राज ठाकरे और मैं लंबे समय से दोस्त हैं। हम कुछ अन्य विषयों पर भी मिलते हैं और चर्चा करते हैं।'

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चुनाव से काफी पहले साफ होगी राजनीतिक तस्वीर
सियासी गलियारों में हो रही कयासबाजी के मुताबिक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के जनाधार में सेंध लगाने और मराठी वोट बैंक को बांटने का प्रयास कर रही भाजपा मनसे से हाथ मिला सकती है। बता दें कि शेलार और राज ठाकरे की मुलाकात से पहले मनसे नेताओं का प्रतिनिधिमंडल डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मिलने पहुंचा था। मुलाकात के बाद फडणवीस ने कहा था कि दोनों पार्टियां (भाजपा और मनसे) मित्रवत हैं लेकिन गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई है। लोकसभा चुनाव से काफी पहले (राजनीतिक) तस्वीर साफ हो जाएगी।

गौरतलब है कि राज ठाकरे ने 2006 में  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का गठन किया था। शिव सेना (अविभाजित) से अलग होने के बाद एमएनएस की स्थापना की थी। राज के इस फैसले को बाल ठाकरे के खिलाफ बगावत और बेटे उद्धव ठाकरे को बढ़ावा देने के प्रयासों का मुखर विरोध माना गया। 
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बता दें कि 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में एमएनएस ने 288 सीटों में से 13 सीटें जीतीं। अधिकांश सीटें मुंबई की थीं। एमएनएस की जीत के पीछे मराठी वोटों का विभाजन मुख्य कारण माना गया। वोटों के बंटने के कारण मुंबई में लोकसभा चुनाव में शिवसेना का खेल भी बिगड़ गया था। हालांकि, मनसे पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक हाशिए पर सिमट रही है।

बता दें कि इससे पहले भाजपा-शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का अप्रत्याशित गठजोड़ हो चुका है। जून, 2022 में पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के दो फाड़ होने के बाद महाराष्ट्र में नई सरकार बनी थी। उद्धव के करीबी रहे एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद भाजपा के सहयोग से सरकार बनी। बाद में एनसीपी दो धड़ों में बंट गई और अजित पवार डिप्टी सीएम बन गए।

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शरद पवार को NCP वापस मिलने का सवाल, बेटी सुप्रिया सुले ने क्या कहा

सुप्रिया सुले - फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो फाड़ होने के मामले में एक खेमा- एनसीपी-शरदचंद्र पवार की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, जिस तरह से एनसीपी के संस्थापक सदस्य से पार्टी छीनी गई है, यह बहुत गलत है। उन्होंने कहा, हमें अपनी पार्टी के साथ-साथ चुनाव चिह्न वापस मिलना चाहिए। बकौल सुप्रिया, देश में लोकतंत्र है। एनसीपी के साथ जो भी हुआ गलत है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और आदेश के लिए आभारी हैं, जिसमें अदालत ने चुनाव चिह्न और पार्टी 8 दिनों के भीतर वापस करने का फरमान सुनाया है।

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