मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल का बीड दौरा राजनीति से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि भुजबल अपनी सुविधा के अनुसार ओबीसी को याद करते हैं। छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जारांगे ने कहा कि मराठा और ओबीसी दोस्त हैं। उन्हें भड़काने के राजनीतिक प्रयास निरर्थक साबित होंगे। बता दें कि आमरण अनशन खत्म करने के बाद जारांगे छत्रपति संभाजीनगर शहर के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता छगन भुजबल ने मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा में निशाना बनी बीड जिले का दौरा किया। उन्होंने राकांपा विधायक प्रकाश सोलंकी और संदीप क्षीरसागर के घरों पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने हिंसक घटनाओं की जांच की मांग भी की।
बीड हिंसा में 40 पुलिसकर्मी घायल, 15 से अधिक सरकारी बसों में आगजनी
जारांगे ने सितंबर में जालना जिले के अंतरवाली सारथी गांव में अपने समर्थकों पर पुलिस लाठीचार्ज की जांच की भी मांग की। गौरतलब है कि जारांगे उस समय गांव में मराठा आरक्षण के लिए भूख हड़ताल कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर अधिकारियों से कहा था कि जारांगे को अस्पताल नहीं ले जाया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। बीड की हिंसा में 40 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए और 15 से अधिक राज्य परिवहन बसों को आग लगा दी गई।
जारांगे बोले- भुजबल को जांच का आदेश देना चाहिए
एनसीपी नेता छगन भुजबल के बारे में जारंगे ने सोमवार को कहा, "अगर भुजबल को लगता है कि बीड की घटनाएं पूर्व नियोजित थीं और वह जांच चाहते हैं, तो अंतरवाली लाठीचार्ज और गोलीबारी की घटना की भी जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।" जारांगे के अनुसार, उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश और सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने बीड का दौरा किया। भुजबल ने इसकी आलोचना की, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।
छगन भुजबल बोले- मराठा आरक्षण दबाव में
जारांगे ने कहा, जज के साथ सरकारी प्रतिनिधिमंडल एक जीवन बचाने के लिए आया था। उन्होंने अपने अनिश्चितकालीन उपवास का भी जिक्र किया। उन्होंने मराठा कोटा कार्यकर्ता छगन भुजबल पर उनकी इस टिप्पणी के लिए भी निशाना साधा कि मराठा समुदाय को आरक्षण दबाव में दिया जा रहा है।
भुजबल का बीड दौरा राजनीतिक
उन्होंने कहा, "आरक्षण दबाव में नहीं दिया जा सकता क्योंकि कानून सभी के लिए समान है। इसके विपरीत, आपने दबाव में उस आरक्षण का आनंद लिया जो हमारे लिए था। वे आरक्षण वापस नहीं देना चाहते हैं इसलिए वे राजनीतिक चाल चल रहे हैं। सरकार ने सच्चाई समझ ली है, कोई दबाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुजबल ओबीसी के बीच अपना आधार खो रहे हैं और उनकी बीड यात्रा सहानुभूति हासिल करने की एक चाल है।