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PM Modi Meets King of Bhutan: भूटान के राजा ने की पीएम मोदी से मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई बात

Mon, 06 Nov 2023 09:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। भूटान नरेश बीते शुक्रवार को भारत पहुंचे थे। उन्होंने असम के अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर के दर्शन के साथ की थी।  
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PM Modi - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक को प्राथमिकताओं के आधार पर भूटान के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भारत के पूर्ण समर्थन के प्रति आश्वस्त किया। इसके साथ ही दोनों पक्ष सीमा पार संपर्क बढ़ाने, व्यापार, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में संबंधों के विस्तार पर सहमत हुए।

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पीएम मोदी और वांगचुक के बीच व्यापक बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष असम के कोकराझार को भूटान के गेलेफू से जोड़ने वाले प्रस्तावित सीमा पार रेल लिंक के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण पर सहमत हुए। दोनों पक्ष पश्चिम बंगाल में बनारहाट और भूटान में समत्से के बीच रेल संपर्क स्थापित करने पर विचार करने पर भी सहमत हुए। बयान में कहा गया है, पीएम मोदी और भूटान नरेश वांगचुक ने भारत-भूटान साझेदारी के विस्तार का सकारात्मक मूल्यांकन किया, जिसमें सीमा पार व्यापार बुनियादी ढांचे, पारस्परिक निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के संपर्क के नए क्षेत्र शामिल हैं।

भूटान नरेश ने तीन नवंबर को गुवाहाटी से अपनी आठ दिवसीय भारत यात्रा शुरू की। उनकी भारत की हाई-प्रोफाइल यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भूटान और चीन अपने दशकों पुराने सीमा विवाद के जल्द समाधान के लिए नए सिरे से प्रयास कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में, दोनों पक्ष नौ विशिष्ट बिंदुओं पर सहमत हुए, जिसमें नई दिल्ली के समर्थन के माध्यम से कोकराझार को गेलेफू से जोड़ने वाले प्रस्तावित सीमा पार रेल लिंक का अंतिम स्थान सर्वेक्षण करना शामिल था।
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भूटान नरेश ने भारत के अमूल्य समर्थन की सराहना की
बयान के मुताबिक, भूटान नरेश वांगचुक ने हिमालयी राष्ट्र में चल रही सुधार प्रक्रिया पर मूल्यवान दृष्टिकोण और अंतर्दृष्टि साझा की और भारत की ओर से भूटान के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रदान किए जा रहे अमूल्य समर्थन की सराहना की। उन्होंने भूटानी पक्ष ने 12वीं पंचवर्षीय योजना (2018-2023) के तहत महत्वपूर्ण परियोजनाओं के सुचारू और निर्बाध समापन को सुनिश्चित करने के लिए विकास सहायता समय पर जारी करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।

असम के दरंग और भूटान के सैमड्रुप जोंगखार में होगी आव्रजन जांच चौकी
दोनों देश संपर्क बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क मार्ग से तीसरे देश के नागरिकों के प्रवेश और निकास की सुविधा के लिए भूटान और भारत के बीच दरंग (असम) और सैमड्रुप जोंगखार (भूटान) को आव्रजन जांच चौकी के रूप में नामित करने पर भी सहमत हुए। संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत ग्यालसुंग परियोजना के तहत कौशल विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में रियायती वित्तपोषण के भूटान के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करेगा। बांग्लादेश के साथ भूटान के व्यापार के लिए हल्दीबाड़ी (पश्चिम बंगाल) से चिल्हाटी (बांग्लादेश) रेल मार्ग को अतिरिक्त व्यापार मार्ग के रूप में नामित करने का भी निर्णय लिया गया।

भारत-भूटान ने आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों पर की बात
बयान के अनुसार, अनुकरणीय द्विपक्षीय साझेदारी को आगे ले जाने के लिए, भारतीय पक्ष ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए समर्थन बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका भूटानी पक्ष ने स्वागत किया। इसमें कहा गया है कि पीएम मोदी और भूटान नरेश वांगचुक ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।

भूटान नरेश बीते शुक्रवार को भारत पहुंचे थे। उन्होंने असम के अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर के दर्शन के साथ की थी। पारंपरिक बौद्ध पीले वस्त्र पहने राजा ने गर्भगृह में प्रार्थना की और देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के अलावा मिट्टी के दीपक जलाने के अलावा मंदिर की परिक्रमा भी की थी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने उनकी अगवानी की थी। सरमा ने पारंपरिक असमी 'गमोसा' (स्कार्फ) के साथ राजा का स्वागत किया था। शाही आगंतुक ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया था। राजा वांगचुक के साथ भूटान की शाही सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी हैं।

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