महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव की तैयारियां हो रही हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का दावा है कि तीन दलों के गठबंधन- महाविकास अघाड़ी (MVA) के प्रत्याशी 40-41 सीटें जीतेंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि प्रदेश में कुल 48 लोकसभा सीटें हैं। कांग्रेस पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 में सहयोगी दलों- शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर एमवीए के उम्मीदवार 40-41 लोकसभा सीटें जीतने में सफल होंगे।
एमवीए के होंगे अधिकांश सांसद
नाना पटोले ने कहा कि एमवीए की सीट-बंटवारे का फॉर्मूला तैयार है। तीनों दलों के बीच कोई विवाद नहीं है। जल्द ही, सीट-बंटवारे के बारे में अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी। असली विवाद बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट)-एनसीपी (अजित पवार) की महायुति में है। सत्तारूढ़ गठबंधन 45-48 सीटें जीतने जैसे बयान दे रहे हैं। उनकी राय के मुताबिक 2024 के चुनावों के बाद महाराष्ट्र में अधिकतम सांसद एमवीए के होंगे।
क्या कांग्रेस प्रकाश अंबेडकर के साथ गठबंधन करेगी?
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले ने हाल के सर्वेक्षणों का जिक्र किया और कहा, एमवीए को अधिक सीट मिलेगी। समर्थकों की संख्या अभी बढ़ रही है। एमवीए में प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन अगाड़ी (वीबीए) को शामिल करने की योजना पर पटोले ने कहा, अंबेडकर ने शरद पवार से मुलाकात की है। उन्हें बैठक के बारे में जानकारी देने के लिए एक जनवरी को बुलाया गया। इसमें सुझाव आया कि एमवीए के वरिष्ठ नेताओं को बातचीत के लिए एकजुट होना चाहिए। कांग्रेस सकारात्मक है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे साहब के नेतृत्व में उद्धव ठाकरे, शरद पवार और अंबेडकर की मौजूदगी में जल्द बैठक होगी।
अजित पवार पर दावा करने वाले सुनील तटकरे कौन हैं?
कभी गठबंधन में शामिल रहे राकांपा के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे अब सरकार के साथ हैं। अजित पवार के करीबी सुनील ने बुधवार को दावा किया कि अगर MVA सरकार में अजित पवार को उप मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया होता तो नवंबर 2019 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एमवीए सरकार नहीं बन पाती। यदि उस समय गुप्त मतदान हुआ होता तो तत्कालीन सरकार शक्ति परीक्षण के दौरान बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाती। सुनील तटकरे अजित पवार के नेतृत्व वाले राकांपा गुट की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हैं।
महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल
बता दें कि एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस शामिल हैं। शिवसेना एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण दो-फाड़ हो चुकी है, जबकि अजित पवार के बागी तेवरों के बाद एनसीपी दे खेमों में बंट गई। शिंदे अब मुख्यमंत्री हैं, जबकि कुछ दिनों बाद सरकार में शामिल हुए अजित डिप्टी सीएम हैं। तीन दलों का गठबंधन- महाविकास अघाड़ी, नवंबर 2019 में बना था। उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते जून 2022 तक तीनों दलों की सरकार चली।
देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा
जुलाई 2020 में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 169 विधायकों के समर्थन के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीता, जिसमें शिवसेना (अविभाजित), एनसीपी और कांग्रेस शामिल थी। हालांकि, शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के विद्रोह के कारण उद्धव को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद भाजपा के समर्थन से शिंदे सीएम बने। अप्रत्याशित फैसले में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री पद मिला।