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महाराष्ट्र: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस साल नहीं फूटेगी दही हांडी, ठाकरे सरकार ने नहीं दी इजाजत

Tue, 24 Aug 2021 12:49 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

  • कोरोना लहर के चलते मुख्यमंत्री ठाकरे ने दहीहांडी उत्सव की बजाय स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की
  • भाजपा विधायक ने कुछ शर्तों के साथ पारंपरिक तरीके से दही हांडी उत्सव के आयोजन को अनुमति देने की मांग की है
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विस्तार
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महाराष्ट्र में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी नहीं फूटेगी। राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने सोमवार को राज्य के गोविंदा पथकों के प्रतनिधियों के साथ बैठक की और दही हांडी की इजाजत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसलिए कुछ समय तक पर्व त्योहार मनाने से परहेज करना पड़ेगा।

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उद्धव सरकार ने नहीं दी इजाजत
मुख्यमंत्री ठाकरे ने गोविंदा पथकों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर नियंत्रण में है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। ऐसे में पर्व और त्योहारों में होने वाली भीड़ के देखते हुए राज्य सरकार हर चीज में पूरी तरह से छूट नहीं दे सकती। उसके बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल, लोगों की जान बचाना जरूरी है।

ठाकरे ने दही हांडी उत्सव की बजाय स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की। विपक्ष की लगातार यह मांग रही है कि पर्व-त्योहारों में प्रतिबंध शिथिल किए जाएं।
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वहीं, गोविंदा पथकों की भी यह मांग थी कि अधिक भीड़ ना बढ़ाते हुए और कोरोना नियमों का पालन करते हुए दही हांडी मनाने की छूट दी जाए। यह भी कहा गया था कि उन्हीं गोविंदाओं को दही हांडी फोड़ने में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराक ली है।

लेकिन मुख्यमंत्री ने गोविंदा पथकों की मांग पर गौर नहीं किया। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई गोविंदा पथकों (दही हांडी फोड़ने वाले कृष्णभक्त) के प्रतिनिधियों की बैठक में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात, गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील भी मौजूद रहे। लेकिन सभी ने गोविंदा पथकों से संयम रखने का आग्रह किया।

उत्सव पर न लगे प्रतिबंध: भाजपा
महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के त्योहार पर दही हांडी उत्सव का आयोजन होता है। माखन-मिश्री से भरी हांडी को ऊंचाई पर टांगा जाता है और युवा मानव पिरामिड बनाकर उसे तोड़ते हैं।

महाराष्ट्र में इस उत्सव को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दल दही हांडी उत्सव का आयोजन करते हैं और गोविंदा (हांडी तोड़ने वाले) के लिए इनाम की घोषणा करते हैं।

भाजपा विधायक आशिष शेलार ने कुछ शर्तों के साथ पारंपरिक तरीके से दही हांडी उत्सव के आयोजन को अनुमति देने की मांग की है। उनका कहना है कि उत्सव पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए।

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