Maharashtra: एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना यूबीटी के कई वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे के साथ थे, लेकिन शिवसेना नेता नरेश म्हस्के उनसे मुकाबला करने में काफी थे। मुंब्रा में शिवसैनिकों के पटाखे फोड़ने से वे वहां से चले गए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को ठाणे जिले में अपनी पार्टी की शाखा को तोड़े जाने पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की नाराजगी को खारिज किया और इसे खोखली धमकी करार दिया। शिंदे यहां दिवाली कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने जब शनिवार को मुंब्रा में जाने का प्रयास किया तो उन्हें वापस लौटना पड़ा।.
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उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ गिराए गए शाखा कार्यालय का दौरान करने मुंब्रा गए थे, लेकिन उन्हें एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। शिंदे गुट की शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और उन्हें काले झंडे दिखाए।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर ठाकरे और उनकी पार्टी के सहयोगी ध्वस्त शाखा से कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित स्थल से चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकरे की यात्रा कुछ और नहीं बल्कि दिवाली उत्सव के दौरान बाधा पैदा करने का प्रयास था। उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे की यात्रा के दौरान मुंब्रा के लोगों ने अपनी शक्ति दिखाई। लोगों की ताकत के सामने कुछ भी काम नहीं करता है।'
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एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना यूबीटी के कई वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे के साथ थे, लेकिन शिवसेना नेता नरेश म्हस्के उनसे मुकाबला करने में काफी थे। उन्होंने कहा, 'मुंब्रा में शिवसैनिकों के पटाखे फोड़ने से वे वहां से चले गए। शक्ति प्रदर्शन इतना शक्तिशाली था कि उन्हें (शिवसेना यूबीटी नेताओं को) जल्दबाजी में पीछे हटना पड़ा।'
उन्होंने आगे दावा किया कि हाल के ग्राम पंचायत चुनावों में शिवसेना यूबीटी को सातवें स्थान पर फेंक दिया गया था और अगले चुनावों में वे 10 वें स्थान पर फिसल जाएंगे, और लोग उन्हें करारा जवाब देंगे। मुख्यमंत्री ने शाखा की जमीन के अतिक्रमण के बारे में उद्धव ठाकरे के आरोपों का जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वह उत्सव के माहौल को खराब नहीं करेंगे और अपने काम के जरिए आरोपों का जवाब देंगे।