मध्यप्रदेश में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012 में व्यापमं घोटाला मामले में सीबीआई अदालत ने बुधवार को चार आरोपियों को सात वर्ष सख्त कैद की सजा सुनाई है। सीबीआई मामलों के विशेष जज ने पुष्पेंद्र सिंह जादों, ओके यादव और मनोज सिंह कुशवाहा को दोषी करार दिया। साथ ही बेहरूपिये श्रीनिवास सिंघल को सजा सुनाई।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के 9 जुलाई 2015 को आए निर्देश के बाद 5 अगस्त 2015 को मामला दर्ज कर इस मामले में जांच शुरू की थी। जांच के बाद सीबीआई ने 25 जुलाई 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह है व्यापमं घोटाला
व्यापमं घोटाले 2013 में तब सामने आया था, जब इंदौर पुलिस ने 2001 की पीएमटी प्रवेश से जुड़े केस में 20 नकली अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने 2012 में किए गए एक पूर्व-चिकित्सा परीक्षण के संबंध में 73 के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था। जबकि उनमें से 54 पर डिजिटल डेटा और ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है। वहीं 19 के ऊपर प्रतिरूपण का आरोप लगाया है। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार व्यापमं घोटाले के मामले में सीबीआई द्वारा आरोपित 100 से अधिक लोगों को अब तक दोषी ठहराया जा चुका है।