वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर की एक शिकायत का लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बुधवार को संज्ञान लिया। सूत्रों ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्रालयों के सचिवों से मुलाकात की। थरूर ने अपनी शिकायत में कहा है कि ये अधिकारी निर्देश दिए जाने के बाद भी संसदीय समिति की बैठक में नहीं आए थे।
तीनों मंत्रालयों के सचिवों ने शशि थरूर को पत्र लिखा था और बैठक में मौजूद न रह पाने की जानकारी दी थी। उल्लेखनीय है कि यह बैठक 28 जुलाई को होनी थी और इसमें पेगासस जासूसी विवाद का मुद्दा उठाए जाने की उम्मीद थी। बैठक के एक दिन बाद कांग्रेस सासंद शशि थरूर ने ओम बिड़ला को सूचना दी थी कि तीनों सचिवों को नागरिकों के डाटा की सुरक्षा और निजता के मुद्दे पर बात करने के लिए बुलाया गया था।
हालांकि, भाजपा सांसदों की ओर से विरोध किए जाने के बाद इस बैठक को रद्द कर दिया गया था। बता दें कि इस दौरान कई भाजपा सांसदों ने बैठक में मौजूद रहने के बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में दस्तखत नहीं किए थे, जिसके चलते बैठक का कोरम पूरा नहीं हो सका था। भाजपा सांसदों ने शशि थरूर पर आरोप लगाया था कि वह संसद की स्थायी समिति का इस्तेमाल कांग्रेस के एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।
थरूर इस बैठक में अधिकारियों की गैरमौजूदगी के मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर से कई बार मिल चुके हैं। बिड़ला को इस संबंध में समिति के सभी सदस्यों के साथ एक अनौपचारिक बैठक भी करनी थी, लेकिन अभी तक ऐसी कोई बैठक नहीं हो पाई है। अब माना जा रहा है कि यह समिति 'भारत में इंटरनेट शटडाउन' और 'मीडिया के मूल्य' पर रिपोर्ट को अपनाने के लिए आगामी 17 अगस्त को बैठक का आयोजन करेगी।