ओम बिरला के लोकसभा स्पीकर चुने जाने के बाद 18वीं लोकसभा के अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ये सदन का सौभाग्य है कि आप दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष के पद पर विराजमान हुए हैं। आपको और इस पूरे सदन को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई। इस पूरे सदन की तरफ से भी आपको अनेक-अनेक शुभकामनाएं। अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दूसरी बार इस पद पर विराजमान होने से आपको बहुत बड़ा दायित्व मिल रहा है। आपके अनुभव और हमारे अनुभव से हमें विश्वास है कि आप हम सभी का मार्गदर्शन करेंगे। मुझे विश्वास है आप हर कदम पर नए कीर्तिमान गढ़ते रहेंगे।'
'स्पीकर का दूसरी बार जीतना मुश्किल होता है'
प्रधानमंत्री ने कहा '18वीं लोकसभा में स्पीकर का कार्यभार दूसरी बार संभालना अपने आप में रिकॉर्ड है। बलराम जाखड़ जी पहले ऐसे अध्यक्ष थे, जो लगातार दो बार अपना कार्यकाल पूरा कर पाए थे। उनके बाद अब आपको यह मौका मिल रहा है। ज्यादातर स्पीकर या तो चुनाव नहीं लड़े हैं या जीतकर नहीं आए हैं। आप समझ सकते हैं कि स्पीकर का काम कितना मुश्किल है कि उनका जीतना मुश्किल हो जाता है। आपने दोबारा जीतकर नया इतिहास गढ़ा है। इस सदन के ज्यादातर सासंद आपसे परिचित हैं और पिछली बार मैंने आपके संबंध में काफी कुछ बातें रखीं थी। आज उन्हें दोहराऊंगा नहीं लेकिन आप जिस तरह से सांसद के रूप में काम करते हैं, वह जानने योग्य और सीखने योग्य हैं। युवा सांसद भी आपसे प्रेरणा लेंगे। आपने अपने क्षेत्र में जिस तरह से स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु अभियान चलाया, वह वाकई प्रेरक है। आप लगातार अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों की सेवा करते रहते हैं। खेलों में युवाओं को प्रोत्साहन देना भी आपने प्राथमिकता से किया है।'
'ओम बिरला की अध्यक्षता में हुए ऐतिहासिक काम'
17वीं लोकसभा के कार्यकाल की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा 'आपका पिछला कार्यकाल संसदीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक कालखंड रहा है। आपकी अध्यक्षता में सदन में जो काम हुआ, वह अपने आप में सदन की भी और आपकी भी विरासत है। आपकी अध्यक्षता में नारी शक्ति वंदन बिल, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार कानून, डायरेक्ट टैक्स समेत कई अहम सामाजिक, आर्थिक और नागरिक कानून पास हुए। जो काम आजादी के 70 साल में नहीं हुए, वो आपकी अध्यक्षता में हुए। लोकतंत्र की लंबी यात्रा में कई पड़ाव आते हैं। कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब हमें कीर्तिमान स्थापित करने का मौका मिलता है। 17वीं लोकसभा पर देश आज भी और भविष्य में भी उस पर गौरव करेगा।
'संसद, देश की जनता की आशा की प्रतीक'
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा संसद भवन सिर्फ चारदीवारी नहीं। ये देश की जनता का आशा का प्रतीक है। संसद की कार्यवाही लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है। 17वीं लोकसभा की उत्पादकता 97 प्रतिशत रही और उसके लिए सभी सदस्यों के साथ ही आप विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं। कोरोना के मुश्किल समय में आपने हर सांसद से फोन करके व्यक्तिगत हालचाल पूछा। कोरोना के समय में संसद का काम रुका नहीं। आपने जो फैसले किए, उसी का परिणाम है कि हम मुश्किल समय में भी काम कर पाए है। आपने कभी कभी कठोरता के साथ भी फैसले लिए। ऐसे फैसलों से आपको पीड़ा भी हुई, लेकिन आपने संसद की गरिमा और व्यक्तिगत पीड़ा में से आपने संसद की गरिमा का चुनाव किया। मुझे विश्वास है कि आप तो सफल होंगे ही, लेकिन आपकी अध्यक्षता में ये संसद भी देश की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। मैं आपको और इस संसद को बहुत बधाई देता हूं।'
राहुल गांधी बोले- विपक्ष की भी सुनें
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा, 'मैं आपको दूसरी बार स्पीकर चुने जाने के लिए बधाई देना चाहता हूं। मैं आपको पूरे विपक्ष और INDIA गठबंधन की तरफ से बधाई देना चाहता हूं। यह सदन भारत के लोगों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है और आप उस आवाज़ के अंतिम निर्णायक हैं। सरकार के पास राजनीतिक शक्ति है लेकिन विपक्ष भी भारत के लोगों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है और इस बार विपक्ष ने पिछली बार की तुलना में भारतीय लोगों की आवाज़ का अधिक प्रतिनिधित्व किया है। विपक्ष आपके काम करने में आपकी सहायता करना चाहेगा। हम चाहते हैं कि सदन अक्सर और अच्छी तरह से चले। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि विश्वास के आधार पर सहयोग हो। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि विपक्ष की आवाज़ को इस सदन में प्रतिनिधित्व दिया जाए।'
पीएम मोदी ने लोकसभा स्पीकर की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में आपातकाल की निंदा करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सराहना की और कहा कि उन दिनों के पीड़ितों के सम्मान में मौन रखना एक अच्छा भाव था। बिरला ने लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने के तुरंत बाद आपातकाल की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पढ़ा और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार की आलोचना की। कांग्रेस सांसदों और कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच बड़ी संख्या में सांसद कुछ क्षणों के लिए मौन रहे।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए एक पोस्ट में लिखा, 'मुझे खुशी है कि माननीय अध्यक्ष ने आपातकाल की कड़ी निंदा की, उस दौरान की गई ज्यादतियों को उजागर किया और यह भी उल्लेख किया कि किस तरह से लोकतंत्र का गला घोंटा गया था।' उन्होंने कहा कि 'आपातकाल 50 साल पहले लगाया गया था, लेकिन आज के युवाओं के लिए इसके बारे में जानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इस बात का एक उदाहरण है कि जब संविधान को रौंदा जाता है, जनमत को दबाया जाता है और संस्थाओं को नष्ट किया जाता है, तो क्या होता है।' मोदी ने कहा कि 'आपातकाल के दौरान की घटनाएं इस बात का उदाहरण हैं कि तानाशाही कैसी होती है।'