हालांकि 2014 में एग्जिट पोल ने एनडीए की जीत का संकेत दिया था और एनडीए की सरकार भी बनी। 2009 के चुनाव में भी एग्जिट पोल ने एनडीए को यूपीए से आगे बताया था। लेकिन चुनाव परिणाम में यूपीए ने बाजी मारी थी। कई बार एग्जिट पोल के गलत होने के बावजूद आंकड़े कहते हैं कि लोकसभा चुनावों के मामले में लगभग चार दशक के इतिहास में एग्जिट पोल की सटीकता दर करीब 80 प्रतिशत रही है।
अब 2024 की करो तैयारी
एग्जिट पोल के आंकड़े निश्चित रूप से भाजपा को राहत का अनुभव करा रहे होंगे। साथ ही विपक्षी दलों को झकझोरकर नींद से जगाने का भी काम करेंगे। इन नतीजों को देखकर विपक्ष मायूस है और उम्मीद में है कि एग्जिट पोल के आंकड़े भारी अंतर से गलत साबित हो जाएं। लेकिन इसके लिए 200 से अधिक सीट भाजपा को गंवानी पड़ेगी। खासकर यूपी, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में उलटफेर हो तभी विपक्ष के लिए आस बंध सकती है। अगर इन राज्यों के नतीजे एग्जिट पोल के नतीजे के आसपास भी रहें, तो विपक्षी दलों के लिए बेहतर होगा कि वो मजबूत तरीके से 2024 के लोकसभा के चुनाव की तैयारी शुरू कर दें।