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Lalan Singh: इन दो घटनाओं ने लिखी ललन को हटाने की पटकथा, 2020 वाली गलती दोहराने से बच गए नीतीश कुमार

राहुल संपाल
Updated Fri, 29 Dec 2023 02:46 PM IST

सार

ललन के इस्तीफे के बाद अब नीतीश कुमार का जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का नया अध्यक्ष बनना तय है। इसकी औपचारिक घोषणा शाम पांच बजे होगी। ये दूसरी बार होगा जब पार्टी की कमान नीतीश कुमार के हाथ में होगी...
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JDU Meeting: Nitish Kumar, Lalan Singh - फोटो : ANI/Sonu Kumar


दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में मौजूद एक पार्टी पदाधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध पर अमर उजाला को बताया कि चार माह पहले 13 सितंबर को नीतीश कुमार ने पार्टी के प्रखंड अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक की थी। इस बैठक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह गायब रहे। जब इसकी चर्चा तेज हुई, तब पार्टी की तरफ से बयान जारी किया गया कि वे बीमार हैं। हालांकि बैठक से एक दिन पहले ही उन्होंने राजगीर में एक बड़ी सभा को संबोधित किया था।

19 दिन बाद फिर नीतीश कुमार ने विधानसभा प्रभारियों की बैठक बुलाई। बैठक खत्म होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के बीच जमकर नोक झोंक हुई। इन दो घटनाओं के बाद ये लगभग तय हो गया कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। ललन सिंह की मनमानी पर नीतीश कुमार शिकंजा कसना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक पार्टी के सभी पदाधिकारियों की बैठक की और उन्हें लोकसभा चुनाव मजबूती से लड़ने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि इस बार वे 2020 की गलती नहीं दोहराएंगे। इस बैठक के 100 दिन बाद ललन सिंह की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से विदाई हो गई।



दरअसल, 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी जेडीयू के नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को दी गई थी। इसमें आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार की मर्जी के खिलाफ न केवल टिकट बांटे, बल्कि केंद्रीय मंत्री भी बन गए। आखिरकार उन्हें पार्टी से बाहर निकालना पड़ा। ऐसे में अब नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की कमान अपने हाथ में लेना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने ललन सिंह को अध्यक्ष पद से हटा दिया।

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