फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखीमपुर केस सुप्रीम कोर्ट में: हिंसा को लेकर मंत्रियों पर एफआईआर की मांग, सीबीआई जांच की भी गुहार

Tue, 05 Oct 2021 04:23 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लखीमपुर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को एक याचिका दायर कर हिंसा में शामिल मंत्रियों पर एफआईआर दर्ज करने और उन्हें दंडित करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
supreme court, सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आखिरकार यूपी के लखीमपुर खीरी में तीन अक्तूबर को हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। दो वकीलों ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दायर करने और उन्हें दंडित करने की मांग की है। याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि वह गृह मंत्रालय व पुलिस को मंत्रियों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दे।

विज्ञापन


याचिका में मांग की गई है कि हिंसा व उपद्रव मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। सीबीआई से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निश्चित समय में जांच का आदेश भी दिया जा सकता है।



शांत होता नहीं दिख रहा मामला 
वहीं, लखीमपुर खीरी का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। तिकुनिया की हिंसक घटना में मारे गए किसानों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खेल करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने युवक लवप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। मामले की खबर लगते ही भाकियू नेता राकेश टिकैत मंगलवार को वापस लखीमपुर लौटे और मझगईं के चौखड़ा फार्म में जाकर लवप्रीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की है।
विज्ञापन


जिले के चौखड़ा फार्म निवासी किसान लवप्रीत सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद शाम को उसके घर पहुंच गया था। मंगलवार को सुबह 10 बजे उसका अंतिम संस्कार होना था। लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पता चला तो किसानों में गुस्सा भड़क उठा। 

साथ ही किसानों का आरोप है कि नानपारा बहराइच के किसान गुरविंदर सिंह की मौत गोली लगने से हुई थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने का जिक्र भी नहीं किया गया है। किसानों का आरोप है कि कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को बचाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीपापोती की गई है।

प्रियंका गांधी वाड्रा गिरफ्तार 
वहीं आज पुलिस ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को गिरफ्तार कर लिया। प्रियंका के साथ 10 अन्य लोगों के खिलाफ शांतिभंग करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जिन लोगों पर केस दर्ज हुआ है उनमें कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा और अजय कुमार लल्लू के नाम भी शामिल हैं। 

प्रियंका को लखीमपुर खीरी जाते वक्त सीतापुर के हरगांव में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिस पीएसी गेस्ट हाउस में उन्हें रखा गया था, उसे ही उनके लिए अस्थायी जेल घोषित किया गया है। 

प्रियंका गांधी ने मंगलवार सुबह खुद को एक दिन से ज्यादा हिरासत में रखे जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, नरेंद्र मोदी सर, आपकी सरकार ने मुझे बिना किसी आदेश और प्राथमिकी के पिछले 28 घंटे से हिरासत में रखा है। लेकिन किसानों को कुचलने वाले को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। 

लखनऊ एयरपोर्ट पर धरने पर बैठे भूपेश बघेल
इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब प्रियंका गांधी से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे, तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। इसके बाद बघेल ने वहीं फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। बघेल ने कहा कि वे सीतापुर जा कर प्रियंका गांधी से मिलने के लिए आए हैं, लेकिन उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें