अनुच्छेद 370 पर नेताओं के बयान
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इन पार्टियों ने किया विरोध
कांग्रेस
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पीडीपी सांसदों (जिन्होंने संविधान की कॉपी फाड़ने का प्रयास किया) की निंदा करते हुए कहा कि हम देश के संविधान के साथ खड़े हैं। हम हिंदुस्तान के संविधान की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन आज भाजपा ने संविधान की हत्या कर दी है।
जेडी(यू)
जेडी(यू) नेता केसी त्यागी ने कहा, हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेपी नारायण, राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडीस की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए हमारी पार्टी आज राज्यसभा में लाए गए विधेयक का समर्थन नहीं कर रही है। हमारी सोच अलग है। हम चाहते हैं कि अनुच्छेद 370 को हटाया ना जाए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वाईस प्रेजिडेंट उमर अबदुल्ला ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। अबदुल्ला ने क्षेत्र में अधिक सैनिकों की तैनाती का विरोध किया है और कहा है कि ये फैसला अवैध, असंवैधानिक और एकतरफा है।
पीडीपी
महबूबा ने ट्वीट करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर से हमें धोखा मिला और इसके परिणाम भयावह होंगे।
एमडीएमके
एमडीएमके नेता वाइको ने कहा, आप कश्मीर के लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। जब अतिरिक्त सुरक्षा बल वहां भेजा गया, मैं चिंता में आ गया। कश्मीर कोसोवो, पूर्वी तिमोर और दक्षिण सूडान नहीं बनना चाहिए। मैं इस विधेयक का विरोध करता हूं। यह शर्म, शर्म, शर्म का दिन है... ये लोकतंत्र की हत्या है।
एनसीपी
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा, मुझे लगता है कि सरकार को उन्हें (घाटी के नेताओं) विश्वास में लेना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने ऐसा नहीं किया। और तब उन्हें फैसला (अनुच्छेद 370 हटाने का) लेना चाहिए था।