जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को निशाना बनाया गया। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद से ही लोग सीआरपीएफ को लेकर अधिक जागरुक हुए। जो सीएपीएफ के अंतर्गत आता है।
लोगों के मन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को लेकर कई सवाल आते हैं, जैसे ये क्या है, कितने प्रकार के होते हैं और इसकी श्रेणियां क्या काम करती हैं। तो चलिए जानते हैं सीएपीएफ के बारे में-
मूल रूप से केंद्रीय सुरक्षा बल दो प्रकार के होते हैं, सीएपीएफ और सीपीएमएफ।
सीएपीएफ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को कहा जाता है। 2011 में इस शब्दावली की शुरुआत हुई थी। भारत सरकार के आठ पुलिस बलों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की श्रेणी में रखा गया है। इन्हीं में से एक है सीआरपीएफ।
ये हैं आठ श्रेणियां-
बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी, एसपीजी और आरपीएफ। इनमें से शुरुआत के छह बल यानी बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा एसपीजी कैबिनेट सेक्रिटेरीएट और आरपीएफ रेल मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
कौन होते हैं मुखिया?
इन सभी पुलिस बलों के मुखिया भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। ये सभी गृह मंत्रालय के सहयोगी हैं और उसे ही रिपोर्ट करते हैं। पहले ये बल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) के तौर पर जाने जाते थे। लेकिन जो बल रक्षा मंत्रालय के सामरिक नियंत्रण में नहीं थे, उन्हें साल 2011 में सीएपीएफ के तौर पर दोबारा पदनामित किया गया।
कौन कहां की सुरक्षा करता है?
छह बलों में से तीन बीएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। सीआरपीएफ आतंकवाद के मुकाबले, आतंरिक सुरक्षा, और चुनावी ड्यूटी में राज्य पुलिस की सहायता करता है। इसके अलावा सीआईएसएफ देश के प्रमुख संस्थानों की सुरक्षा का दायित्व निभाता है।
एनएसजी की बात करें तो यह एक कमांडो बल है, इसे आतंकवाद का मुकाबला करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, ये वीआईपी लोगों की सुरक्षा भी करता है। एसपीजी को पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए गठित किया गया है। जबकि आरपीएफ रेल संपदा एवं यात्रियों की सुरक्षा करता है।
सुरक्षा बल
- फोटो : PTI
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को निशाना बनाया गया। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद से ही लोग सीआरपीएफ को लेकर अधिक जागरुक हुए। जो सीएपीएफ के अंतर्गत आता है।
लोगों के मन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को लेकर कई सवाल आते हैं, जैसे ये क्या है, कितने प्रकार के होते हैं और इसकी श्रेणियां क्या काम करती हैं। तो चलिए जानते हैं सीएपीएफ के बारे में-
मूल रूप से केंद्रीय सुरक्षा बल दो प्रकार के होते हैं, सीएपीएफ और सीपीएमएफ।
सीएपीएफ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को कहा जाता है। 2011 में इस शब्दावली की शुरुआत हुई थी। भारत सरकार के आठ पुलिस बलों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की श्रेणी में रखा गया है। इन्हीं में से एक है सीआरपीएफ।
ये हैं आठ श्रेणियां-
बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी, एसपीजी और आरपीएफ। इनमें से शुरुआत के छह बल यानी बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एनएसजी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा एसपीजी कैबिनेट सेक्रिटेरीएट और आरपीएफ रेल मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
कौन होते हैं मुखिया?
इन सभी पुलिस बलों के मुखिया भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। ये सभी गृह मंत्रालय के सहयोगी हैं और उसे ही रिपोर्ट करते हैं। पहले ये बल केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) के तौर पर जाने जाते थे। लेकिन जो बल रक्षा मंत्रालय के सामरिक नियंत्रण में नहीं थे, उन्हें साल 2011 में सीएपीएफ के तौर पर दोबारा पदनामित किया गया।
कौन कहां की सुरक्षा करता है?
छह बलों में से तीन बीएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। सीआरपीएफ आतंकवाद के मुकाबले, आतंरिक सुरक्षा, और चुनावी ड्यूटी में राज्य पुलिस की सहायता करता है। इसके अलावा सीआईएसएफ देश के प्रमुख संस्थानों की सुरक्षा का दायित्व निभाता है।
एनएसजी की बात करें तो यह एक कमांडो बल है, इसे आतंकवाद का मुकाबला करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, ये वीआईपी लोगों की सुरक्षा भी करता है। एसपीजी को पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए गठित किया गया है। जबकि आरपीएफ रेल संपदा एवं यात्रियों की सुरक्षा करता है।
चलिए अब इन आठ श्रेणियों के बारे में विस्तार से जानते हैं-
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ)
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ)
1 दिसंबर, 1965 को स्थापित हुआ बीएसएफ एक सीमा सुरक्षा बल है। बीएसएफ गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है। बांग्लादेश की आजादी के समय इस बल ने अहम भूमिका निभाई थी। 186 बटालियनों के साथ इसकी जनशक्ति करीब 2.5 लाख है। इसकी कुछ बटालियनें नक्सल प्रभावित इलाके और जम्मू-कश्मीर में भी तैनात हैं। इसकी दो बटालियन जो कोलकाता और गुवाहाटी में स्थित हैं, उन्हें राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) कहा जाता है।
शांतिकाल के दौरान भूमिका-
- सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना।
- सीमा पार के अपराधों और गैर कानूनी प्रवास को रोकना।
- सीमा पार से तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना।
- सीमा पार की खुफिया सूचनाएं एकत्रित करना।
युद्ध के समय भूमिका-
- दुश्मन के पुलिस बलों के विरुद्ध सीमित आक्रामक कार्रवाई करना।
- सेना ने जो दुश्मन का इलाका नियंत्रित किया है, वहां कानून और व्यवस्था बनाए रखना।
- युद्ध बंदियों की युद्ध शिविरों में रखवाली करना।
- शरणार्थियों के नियंत्रण में सहायता करना।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना के मार्गदर्शक के तौर पर कार्य करना।
- पहरेदारी और छापे सहित खुफिया सूचान एकत्रित करने से संबंधित विशेष कार्य करना।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)
- फोटो : social media
सीआरपीएफ सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। क्राउन रिप्रजेन्टेटिव पुलिस के रूप में इसकी स्थापना 27 जुलाई, 1939 को हुई थी। देश के आजाद होने के बाद ये केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बना।
वर्तमान में इस बल की 195 एग्जिक्यूटिव बटालियन, (02 आपदा प्रबंधन बटालियन, 03 महिला बटालियन, 10 आरएएफ बटालियन, 05 सिगनल बटालियन, कठोर कार्रवाई के लिए 10 कमांडो (कोबरा) बटालियन, 01 स्पेशल ड्यूटी ग्रुप, 01 पार्लियामेंट ड्यूटी गुप (पीडीजी) तथा 40 ग्रुप सेंटर व 15 प्रशिक्षण संस्थानों सहित कुल 226 बटालियने हैं। यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय (एमएचए) के अंतर्गत कार्य करता है। इसका मुखिया भारतीय पुलिस सेवा का एक अधिकारी होता है।
क्या हैं कार्य?
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कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई करना।
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विद्रोह की रोकथाम एवं नक्सल विरोधी कार्रवाई में राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों की सहायता करना।
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देशभर में निष्पक्ष आम चुनाव करवाना।
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जम्मू में माता वैष्णों देवी तथा संसद भवन इत्यादि महत्वपुर्ण प्रतिष्ठानों एवं
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इमारतों की निगरानी करना।
सीआरपीएफ की कुछ विशिष्ट संरचनाएं-
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रेपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ)
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कठोर कार्रवाई के लिए कमांडो (कोबरा) बटालियन
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स्पेशल ड्यूटी ग्रुप (एसडीजी)
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पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप (पीडीजी)।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ( आईटीबीपी)
- फोटो : social media
आईटीबीपी की स्थापना 24 अक्तूबर साल 1962 में भारत-चीन तनाव के मद्देनजर 4 सर्विस बटालियनों के साथ की गई थी। ये सीमा रक्षक बल गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। फिलहाल, 4 विशिष्ट बटालियनों एवं 77,022 की जनशक्ति क साथ इसकी कुल 49 बटालियनें हैं। वर्तमान में ये बटालियनें, लद्दाख के काराकोरम दर से अरुणाचल प्रदेश के दिफू ला तक 3488 किमी लंबी भारत-चीन सीमाओं की रखवाली कर रही हैं।
आटीबीपी के उत्तरदायित्व-
- उत्तरी सीमा की निगरानी, सीमा अतिक्रमण का पता लगाना और उसकी रोकथाम करना।
- स्थानीय जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करना।
- गैर कानूनी आप्रवास तथा सीमापार से तस्करी एवं अपराधों को रोकना।
- संवेदनशील संस्थानों और संकटग्रस्त वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा करना।
- किसी भी क्षेत्र में शांति भंग होने की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
- देश में शांति कायम रखना।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ)
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ)
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सीआईएसएफ की स्थापना साल 1969 में की गई थी। यह गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। दिसंबर, 2012 तक इसकी जनशक्ति बढ़कर 33,762 कार्मिक हो गई।
क्या हैं कार्य?
- यह कुल 307 औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा कवर प्रदान करता है।
- यह औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे-परमाणु ऊर्जा संयत्रों, अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों, टकसालों, तेल क्षेत्रों एवं रिफाइनरियों, प्रमुख बंदरगाहों, दिल्ली मेट्रो आदि की सुरक्षा करता है।
- आतंकवाद एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा करना।
- देश के विविधतापूर्ण क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करना।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी)
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी )
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एसएसबी एक सीमा रक्षा बल है। जो गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है। इसका मूल कार्य नेपाल और भूटान के साथ लगी भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करना है। इसकी स्थापना 1963 में भारत-चीन युद्ध के मद्देनजर की गई थी।
एसएसबी पहला ऐसा सीमा रक्षा बल है जिसने महिलाओं को भर्ती करते हुए बटालियन खड़ी करने का निर्णय लिया। एसएसबी, जम्मू एवं कश्मीर में काउंटर इंसरजेन्सी ऑपरेशन तथा झारखंड बिहार में नक्सल विरोधी अभियानों में भी तैनात है।
क्या हैं कार्य?
- सीमावासियों में राष्ट्रभाव को जागृत करना।
- भारत-नेपाल सीमा की रखवाली करना।
- भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा करना।
- सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना।
- गैर-कानूनी आप्रवास तथा सीमापार से तस्करी एवं अपराधों को रोकना। राज्य क्षेत्र में गैर-कानूनी प्रवेश की रोकथाम करना।
- तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम करना।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी)
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी)
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एनएसजी की स्थापना संघीय आकस्मिकता तैनाती बल के तौर पर 1984 में की गई थी।
क्या हैं कार्य?
- आतंकवादी खतरों का निराकरण करना।
- हवा में और जमीन पर अपहरण की स्थतियों से निपटना।
- बम निरोधक कार्रवाई (खोज, पता लगाना और आईडी का निराकरण) करना।
- विशिष्ट परिस्थितियों में आतकियों से लड़ना और उन्हें निष्क्रिय करना।
- बंधकों को छुड़ाना।
एनएसजी के अधीन राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र (एनडीबीसी)
देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विस्फोटों का अध्ययन करने के लिए राज्यों के अनुरोध पर एनएसजी ने मानेसर में एक राष्ट्रीय बम डाटा केंद्र स्थापित किया है। यह सुरक्षा बलों के उपयोग और संदर्भ हेतु विस्फोटक एवं विस्फोट की घटनाओं पर एक डाटा बैंक रखता है।
विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी)
विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी)
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एसपीजी, भारत सरकार की कार्यकारी संरक्षण संस्था है। यह भारत के प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करता है। यह बल कैबिनेट सचिवालय के नियंत्रण में कार्य करता है।
इसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या के बाद साल 1985 में की गई थी। ये बल संरक्षितों को हर जगह एवं हर अवसर पर थल, जल व नभ में सुरक्षा प्रदान करता है। ये संरक्षितों के परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ)
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ)
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आरपीएफ की जनशक्ति लगभग 65 हजार है। भारतीय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रेल संपत्ति की रक्षा करने के लिए एक भारतीय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है।
क्या हैं कार्य?
- रेलों की सुगम आवाजाही के लिए हर संभव प्रयास करना।
- रेलवे संपत्ति का संरक्षण और सुरक्षा करना।
- यात्रियों, उनके सामान एवं यात्री क्षेत्र का संरक्षण और सुरक्षा करना।
केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएमएफ)
केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएमएफ)
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असम राईफल्स एवं भारतीय तटरक्षक बल, मुख्य केंद्रीय अद्धसैनिक बल हैं।
असम राइफल्स- यह देश का सबसे पुराना अर्द्धसैनिक बल है। यह बल पूर्ण तौर पर उत्तर-पूर्व में तैनात है तथा उतर-पूर्व में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और भारत-म्यांमार सीमा की रखवाली करता है। इस बल का नेतृत्व सेना के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। यह गृह मंत्रालय के अधीन रहते हुए भारतीय सैन्य बलों की सहायता करता है।
भारतीय तटरक्षक बल- इसका कार्य भारत के समृद्री हितों का संसक्षण करना है। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
ये जानकारी 'भारत की आतंरिक सुरक्षा' नामक किताब से ली गई है।