भारतीय वायुसेना के दिवंगत मार्शल अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को किया गया। अर्जन सिंह को 21 तोपों की सलामी के अलावा फ्लाइ पास से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और सभी सेना अध्यक्षों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सैन्य परिवार में जन्मे अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के एकमात्र ऐसे अफसर थे, जिन्हें फाइव स्टार रैंक के साथ मार्शल (सेना में फील्ड मार्शल के बराबर) का ओहदा दिया गया था। तीनों सेनाओं में फाइव स्टार रैंक के अधिकारी कभी रिटायर नहीं होते। ये एक सम्मान का पद होता है।
भारतीय सेना के लिए मिसाल माने जाने वाले अर्जन सिंह ने 1965 में सबसे युवा वायु सेना प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय उनकी आयु महज 45 वर्ष थी। अर्जन सिंह के अंदर लड़ाकू पायलट का जज्बा आखिरी तक बरकरार रहा। 1969 में रिटायरमेंट तक वह सेना के 60 तरह के विमान उड़ा चुके थे।
पढ़ें: अपने एक फैसले से दिल्ली के किसानों के मसीहा बन गए थे अर्जन सिंह